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मोतिहारी। बिहार में पूर्वी चंपारण जिले के बच्चों का लैंगिक अपराध से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की विशेष अदालत ने आठ वर्ष की बच्ची को घर से उठाकर ले जाने, उसके साथ मारपीट और दुष्कर्म करने के मामले में आज दोषी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ ही 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। पॉक्सो कोर्ट-3 के अनन्य विशेष न्यायाधीश मिथिलेश कुमार ने मामले में सुनवाई के बाद कृष्णनाथ सहनी के पुत्र कुन्नू को भारतीय दंड विधान की धारा 323 और पॉक्सो अधिनियम की धार छह के तहत यह सजा सनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को 15 दिन कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी। मामला मधुबन थाना क्षेत्र के कोईलहरा मठ का है। दोषी अभियुक्त की पहचान कृष्णनाथ सहनी के पुत्र कुन्नू के रूप में हुई है। मामले में पीड़िता के बयान पर मधुबन थाना कांड संख्या 95/2021 दर्ज की गई थी। सोते घर से बच्ची को उठाकर ले गया था अभियुक्त अभियोजन के अनुसार, घटना आठ अप्रैल 2021 की रात करीब नौ बजे की है। आठ वर्षीय बच्ची अपने भाई के साथ घर में सो रही थी। इसी दौरान अभियुक्त वहां पहुंचा और बच्ची का मुंह बंद कर उसे जबरन घर से बाहर ले गया। आरोप है कि वह बच्ची को गेहूं के खेत में ले गया, जहां उसके साथ मारपीट करने के बाद दुष्कर्म किया। घटना में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। खून से लथपथ बच्ची किसी तरह चिल्लाते हुए घर पहुंची। उसकी हालत देखकर परिजन उसे तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मधुबन ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे सदर अस्पताल, मोतिहारी रेफर कर दिया। अस्पताल में दर्ज हुआ बच्ची का बयान इलाज के दौरान स्वास्थ्य में सुधार होने पर 11 अप्रैल 2021 को तत्कालीन अस्पताल कैंप प्रभारी आरती ठाकुर ने पीड़िता का बयान दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अनुसंधान पूरा होने के बाद पुलिस ने उसके विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। करीब छह गवाहों की हुई गवाही मामले की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक पुष्पा दुबे ने अभियोजन पक्ष की ओर से करीब आधा दर्जन गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। गवाहों की गवाही, न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश मिथिलेश कुमार ने अभियुक्त को दोषी करार दिया।