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कटिहार। मंजिल बड़ी हो तो गांव की दूरी और सीमित संसाधन भी रास्ता नहीं रोक सकते...बिहार में कटिहार जिले के बारसोई प्रखंड के तीन होनहार विद्यार्थियों ने नीट 2026 में सफलता हासिल कर कुछ ऐसा ही संदेश दिया है। हरनारोई पंचायत के मामूनूर रशीद, भवानीपुर पंचायत के शाहबाज हुसैन और शिवानंदपुर पंचायत के मुसब्बीन रेहान ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर डॉक्टर बनने के अपने सपने की ओर मजबूत कदम बढ़ाया है। तीन गांव, तीन युवा और एक सपना तीनों विद्यार्थियों की कहानी अलग-अलग गांवों से शुरू होती है लेकिन मंजिल एक है—चिकित्सा के क्षेत्र में आगे बढ़ना। बारसोई के सुदूर ग्रामीण इलाकों से आने वाले इन छात्रों ने नियमित पढ़ाई, अनुशासन और कठिन परिश्रम के दम पर नीट जैसी परीक्षा में अपनी जगह बनाई है। उनकी सफलता से परिवारों में खुशी है तो गांव के लोगों को भी अपने इन होनहारों पर गर्व है। मामूनूर ने 602 अंकों के साथ लगाई सबसे ऊंची छलांग हरनारोई पंचायत के बारिओल गांव निवासी नुरुद्दीन के पुत्र मामूनूर रशीद ने नीट में 602 अंक हासिल किए हैं। उन्हें ऑल इंडिया रैंक 9255 मिली है। सुदूर ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा में यह मुकाम हासिल करने वाले मामूनूर की सफलता अब गांव के दूसरे बच्चों के लिए भी आगे बढ़ने की प्रेरणा बन रही है। शाहबाज को 588 अंक, देशभर में 14507वीं रैंक भवानीपुर पंचायत के समसपुर गांव निवासी अफाजुद्दीन के पुत्र शाहबाज हुसैन ने नीट 2026 में 588 अंक हासिल किए। उन्हें ऑल इंडिया रैंक 14507 मिली है। शाहबाज की सफलता ने परिवार के डॉक्टर बनाने के सपने को नई उम्मीद दी है। उनकी कामयाबी पर गांव और आसपास के लोगों में भी खुशी है। मुसब्बीन ने 583 अंक लाकर बढ़ाया मथुरापुर का मान शिवानंदपुर पंचायत के मथुरापुर गांव निवासी रेहानुल हक के पुत्र मुसब्बीन रेहान भी सफलता की इस कहानी का हिस्सा हैं। मुसब्बीन ने 583 अंक हासिल करते हुए ऑल इंडिया रैंक 16358 प्राप्त की है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा में उनकी सफलता से परिवार के साथ मथुरापुर के लोगों में भी उत्साह है। सफलता का मंत्र- साफ लक्ष्य, अनुशासन और लगातार अभ्यास मामूनूर, शाहबाज और मुसब्बीन की सफलता में एक बात समान है—तीनों ने अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और कठिन मेहनत को दिया है। उनका मानना है कि लक्ष्य स्पष्ट हो, पढ़ाई में अनुशासन हो और अभ्यास लगातार चलता रहे तो बड़ी सफलता भी हासिल की जा सकती है। तीनों ने अपनी कामयाबी के बाद परिवार और शिक्षकों के प्रति आभार जताया है। गांव के बच्चों के लिए उम्मीद की नई कहानी बारसोई के इन तीन विद्यार्थियों की उपलब्धि सिर्फ तीन परिवारों की खुशी तक सीमित नहीं है। सुदूर ग्रामीण इलाकों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल करना उन विद्यार्थियों के लिए भी हौसला बढ़ाने वाली कहानी है, जो बड़े सपने तो देखते हैं, लेकिन अपने आसपास सीमित अवसर देखकर कई बार खुद पर संदेह करने लगते हैं। मामूनूर, शाहबाज और मुसब्बीन की कामयाबी बताती है कि सपने का पता गांव का हो सकता है, लेकिन उसकी मंजिल देश के किसी भी बड़े मुकाम तक पहुंच सकती है। परिवार से लेकर जनप्रतिनिधियों तक खुशी तीनों छात्रों की उपलब्धि के बाद उनके परिवारों और आसपास के लोगों में प्रसन्नता है। बलरामपुर की विधायक संगीता देवी और जिला परिषद सदस्य गुलजार आलम ने भी तीनों विद्यार्थियों को नीट में सफलता हासिल करने पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।