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मोतिहारी। पूर्व सांसद आनंद मोहन ने राजपूत समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी का मुद्दा उठाते हुए आज कहा कि यदि समाज को उसका उचित हक और सम्मान नहीं मिला तो वर्ष 2029 के चुनाव में "बड़ा खेला" होगा। श्री मोहन ने रविवार को यहां आयोजित महाराणा प्रताप जयंती समारोह से 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक संकेत देते हुए कहा कि यदि राजपूत समाज को उसकी आबादी के अनुपात में राजनीतिक हिस्सेदारी और सम्मान नहीं मिला तो "2029 में बड़ा खेला होगा।" उन्होंने कहा कि अब समाज केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सत्ता और संगठन में बराबर की भागीदारी चाहता है। उनका स्पष्ट संदेश था कि "जो हमारे अधिकारों की रक्षा करेगा और हमें हमारा हक देगा, सत्ता उसी के हाथ में जाएगी।" 'सबसे ज्यादा विधायक-सांसद, फिर भी मिला सिर्फ झुनझुना' पूर्व सांसद ने अपने पुराने तेवर में बिना किसी दल का नाम लिए केंद्र और बिहार सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सबसे अधिक निर्वाचित प्रतिनिधि होने के बावजूद राजपूत समाज को न महत्वपूर्ण विभाग मिले और न ही स्वर्ण आयोग का गठन किया गया। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्री तक के पदों पर समाज को उसका उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। शायराना अंदाज में दिया राजनीतिक संदेश श्री मोहन ने अपने संबोधन में शायराना अंदाज में कहा, "वक्त आने पर बता देंगे तुझे ऐ आसमां, हम अभी से क्या बताएं क्या हमारे दिल में है।" उन्होंने कहा कि कोई भी समाज तब तक अपना अधिकार हासिल नहीं कर सकता, जब तक वह अपनी आवाज बुलंद नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि परिवार और राजनीतिक दल से बड़ा समाज तथा समाज से भी बड़ा राष्ट्र होता है। महाराणा प्रताप के आदर्शों पर समाज को संगठित करने का संकल्प मोतिहारी के महात्मा गांधी प्रेक्षागृह में आयोजित 'महाराणा प्रताप जयंती पखवाड़ा समारोह' में सामाजिक एकजुटता, संगठनात्मक मजबूती और जनसेवा के लिए स्थायी व्यवस्था विकसित करने का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के राष्ट्रवाद, स्वाभिमान और संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया। शंकर सिंह वाघेला बोले- महाराणा प्रताप पूरे देश के राष्ट्रनायक गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला ने कहा कि महाराणा प्रताप किसी एक जाति या राज्य के नहीं बल्कि पूरे भारत के राष्ट्रनायक हैं। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने स्वाभिमान के लिए राजसी सुख छोड़ दिए, जंगलों में जीवन बिताया और घास की रोटी खाई लेकिन कभी अकबर के सामने झुके नहीं। उन्होंने युवाओं से सही इतिहास जानने और राष्ट्रभक्ति की भावना मजबूत करने की अपील की। सेवा केंद्र बनाने की घोषणा, मुफ्त जमीन देने का ऐलान समारोह में महाराणा प्रताप और भामाशाह की मित्रता का उल्लेख करते हुए कहा गया कि हल्दीघाटी का युद्ध भारत के स्वाभिमान की रक्षा का प्रतीक था। इस दौरान मोतिहारी में जरूरतमंदों के लिए आवास, चिकित्सा, शिक्षा और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्थायी सेवा केंद्र बनाने का प्रस्ताव रखा गया। इसके लिए डॉ. नागमणि सिंह ने छह कट्ठा जमीन निःशुल्क देने की घोषणा की। कई नेताओं की रही मौजूदगी कार्यक्रम में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंह तोमर, मंत्री संजय सिंह, एमएलसी महेश्वर सिंह, विधायक राणा रणधीर सिंह, विनय बिहारी, राजू तिवारी, राजेश गुप्ता उर्फ बबलू गुप्ता, कांग्रेस जिलाध्यक्ष गप्पू राय सहित कई नेताओं ने भाग लिया। आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री राणा रणधीर सिंह ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।



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