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एम. ए. खान पटना। बिहार की राजधानी पटना की एक विशेष अदालत ने रिश्वत लेने के जुर्म में आज बिहार पुलिस की एक महिला दारोगा को तीन वर्षों के सश्रम कारावास की सजा के साथ दस हजार रूपए का जुर्माना भी किया। निगरानी के विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह ने मामले में सुनवाई के बाद वैशाली जिले के हाजीपुर नगर थाना की तत्कालीन दारोगा पूनम कुमारी को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा सात में दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को तीन माह के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी। मामले के विशेष लोक अभियोजक विजय भानु उर्फ पुट्टू बाबू ने बताया की विशेष निगरानी इकाई का यह पहला मामला है जिसमें फैसला आया है और दोषी को सजा सुनाई गई है। उन्होंने बताया कि मामला विशेष निगरानी इकाई थाना कांड संख्या 6/ 2024 के रुप में दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता एक बस सर्विस एजेन्सी का मैनेजर था । एजेन्सी की एक बस पुलिस ने जब्त की थी जिसे छोड़ने के लिए प्रतिवेदन भेजने के एवज में दोषी महिला दारोगा दस हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रही थी। निगरानी की विशेष इकाई में शिकायत मिलने के बाद आरोप का सत्यापन किया गया और उसके बाद एक धावा दल का गठन कर धावा की कार्रवाई की गई और दोषी महिला दारोगा को 14 नवंबर 2024 को हाजीपुर स्थित उसके आवास पर शिकायतकर्ता से दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में अभियोजन ने आरोप साबित करने के लिए चौदह गवाहों का बयान अदालत में कलम बंद करवाया था । दोषी गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में थी तथा बीच में उच्चतम न्यायालय के आदेश से कुछ दिनों के औपबंधिक जमानत पर जेल से बाहर आई थी लेकिन बाद मे फिर उच्चतम न्यायालय ने उसकी जमानत रद्द कर दी थी।



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