Full Story

पटना। बिहार सरकार ने इस साल मार्च में आंधी, तूफान, असमय बारिश और ओलावृष्टि से फसल नुकसान झेलने वाले 13 जिलों के 3.96 लाख से अधिक किसानों को बड़ी राहत देते हुए कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 200 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि भेज दी गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को यहां संकल्प सभागार से डीबीटी के माध्यम से इस राशि का ऑनलाइन हस्तांतरण किया। यह सहायता उन किसानों के लिए राहत की सांस लेकर आई है, जिनकी फसल प्राकृतिक आपदा में 33 प्रतिशत या उससे अधिक क्षतिग्रस्त हुई थी। 13 जिलों के किसानों पर सबसे ज्यादा पड़ी थी मार मार्च 2026 के दौरान आई प्राकृतिक आपदा से सहरसा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, मधेपुरा, अररिया, बेगूसराय, पूर्णिया, दरभंगा, किशनगंज, खगड़िया, मधुबनी, सुपौल और भागलपुर जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए थे। सरकारी सर्वे में इन जिलों में बड़े पैमाने पर फसल नुकसान की पुष्टि हुई थी। कई किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी। फसल बर्बाद होने के बाद उनके सामने बीज, खाद और अगली बुआई की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बन गया था। ऐसे में यह अनुदान सीधे तौर पर उनकी खेती को दोबारा पटरी पर लाने में मददगार साबित होगा। सिर्फ मुआवजा नहीं, किसानों का भरोसा बचाने की कोशिश मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण असमय बारिश, आंधी और ओलावृष्टि जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे किसानों को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि इनपुट अनुदान योजना केवल आर्थिक सहायता देने की योजना नहीं है, बल्कि यह किसानों के आत्मविश्वास को बनाए रखने और खेती को स्थिरता देने का भी माध्यम है। 260 करोड़ रुपये से अधिक का बनाया गया प्रावधान प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने 200 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए। वहीं कृषि विभाग के अनुरोध पर अतिरिक्त 60.71 करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत की गई। इस तरह किसानों की सहायता के लिए कुल 260.71 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर किसानों को और सहायता उपलब्ध कराने के विकल्प भी खुले रखे जाएंगे। बढ़ती प्राकृतिक आपदाएं बनीं बड़ी चुनौती बिहार जैसे कृषि प्रधान राज्य में खेती आज भी लाखों परिवारों की आय का प्रमुख स्रोत है। लेकिन बीते कुछ वर्षों में मौसम का बदला मिजाज किसानों के लिए नई चुनौती बनकर उभरा है। कभी बाढ़, कभी सूखा तो कभी ओलावृष्टि और असमय बारिश किसानों की मेहनत को प्रभावित कर रही है। 'किसानों के साथ हर परिस्थिति में खड़ी है सरकार' श्री चौधरी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को सुरक्षित बनाने और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की भी अपील की।