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मुंबई। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच तेज हुए सैन्य टकराव से निवेशकों की धारणा कमजोर पड़ने पर मंगलवार को घरेलू शेयर बाजारों में जोरदार बिकवाली हुई, जिससे सेंसेक्स 561 अंक और निफ्टी 159 अंक टूटकर एक सप्ताह के सबसे निचले स्तर पर बंद हुए। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव से निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा, जिसके चलते बीएसई सेंसेक्स 561.46 अंक लुढ़ककर 77,054.94 पर और निफ्टी 158.95 अंक गिरकर 24,052.05 पर बंद हुआ। दोनों प्रमुख सूचकांक 9 जुलाई के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए। अमेरिका-ईरान तनाव ने बिगाड़ा बाजार का मूड बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव रहा। अमेरिका के ईरान पर हमलों और जवाब में ईरान द्वारा खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने से वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ गई। इसका असर भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला और दिनभर बिकवाली का दबाव बना रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी फिसले बड़े शेयरों के साथ-साथ व्यापक बाजार में भी कमजोरी रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.56 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.01 प्रतिशत गिर गया। इससे साफ है कि निवेशकों ने लगभग सभी वर्गों में मुनाफावसूली की। इन सेक्टरों में सबसे ज्यादा बिकवाली मंगलवार को बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, ऑटो, आईटी और रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहे। इसके अलावा एफएमसीजी, तेल एवं गैस, मीडिया और रसायन सेक्टरों में भी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि फार्मा, हेल्थकेयर और मेटल शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे इन सेक्टरों के सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। एचसीएल टेक सबसे बड़ा लूजर सेंसेक्स की कंपनियों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज का शेयर करीब 4.5 प्रतिशत टूट गया। वहीं इंडिगो, बजाज फिनसर्व, भारतीय स्टेट बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एलएंडटी के शेयर दो प्रतिशत से ज्यादा फिसले। इसके अलावा कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस, आईटीसी, मारुति सुजुकी, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, एनटीपीसी और ट्रेंट के शेयरों में भी 1 से 2 प्रतिशत तक की गिरावट रही। इंफोसिस, टाइटन, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एक्सिस बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एशियन पेंट्स भी लाल निशान में बंद हुए। इन शेयरों ने दिखाई मजबूती कमजोर बाजार के बीच भारती एयरटेल का शेयर 1.5 प्रतिशत से अधिक चढ़कर बंद हुआ। इसके अलावा टीसीएस, सन फार्मा, टाटा स्टील और अडानी पोर्ट्स के शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली। आगे क्या रहेगा बाजार का रुख विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता और वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी रहती है, तब तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे माहौल में निवेशकों की नजर अब अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी।