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न्यूयॉर्क। युद्धों, भू-राजनीतिक तनावों और जलवायु संकट के बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र शुरू हो गया, जिसमें अध्यक्ष पद संभालते हुए बांग्लादेश के खलीलुर रहमान ने बहुपक्षवाद में विश्वास बहाल करने, वैश्विक सहयोग मजबूत करने और संयुक्त राष्ट्र में सुधार के जरिए ठोस परिणाम देने का संकल्प लिया। आठ सितंबर 2026 को शुरू हुआ यह सत्र सात सितंबर 2027 तक चलेगा। रहमान ने अपने एक वर्ष के कार्यकाल के लिए स्पष्ट संदेश दिया कि चुनौती केवल संयुक्त राष्ट्र का बचाव करने की नहीं, बल्कि ऐसी संस्था बनाने की है जो लोगों के लिए ठोस परिणाम दे सके। भरोसा लौटाने के साथ बदलाव संभालने पर जोर श्री रहमान ने सत्र का विषय ‘विश्वास की बहाली, बदलाव का प्रबंधन: सभी के लिए परिणाम देने वाला संयुक्त राष्ट्र’ घोषित किया। उन्होंने कहा कि अपने नौवें दशक में प्रवेश कर रहे संगठन के सामने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में घटते भरोसे को फिर से कायम करने की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने संवाद और सहयोग के जरिए इस दिशा में लगातार प्रयास करने का संकल्प जताया। उनके मुताबिक, वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र की प्रभावशीलता बढ़ाना जरूरी है। शांति से एआई तक, छह मोर्चों पर काम का संकल्प नए महासभा अध्यक्ष ने अपने कार्यकाल की छह मुख्य प्राथमिकताएं तय की हैं। इनमें शांति एवं सुरक्षा मजबूत करना, सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति तेज करना, जलवायु परिवर्तन के असर से निपटने की क्षमता बढ़ाना और मानवाधिकारों की रक्षा करना शामिल है। इसके साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तथा प्रौद्योगिकी का जिम्मेदार इस्तेमाल और संयुक्त राष्ट्र में सुधार के जरिए बहुपक्षवाद में भरोसा लौटाना भी उनके एजेंडे का हिस्सा है। विकास लक्ष्यों पर चेतावनी—सिर्फ 36 फीसदी सही दिशा में शांति और विकास का मुद्दा उठाते हुए श्री रहमान ने कहा कि 2030 के सतत विकास लक्ष्यों में से केवल 36 फीसदी ही सही दिशा में हैं। उन्होंने इन लक्ष्यों की ओर प्रगति तेज करने की जरूरत पर जोर दिया। जलवायु संकट से निपटने के लिए उन्होंने ‘लॉस एंड डैमेज फंड’ को लागू करने और विकासशील देशों के लिए वित्तपोषण बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। समुद्र के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित तटीय तथा छोटे द्वीपीय देशों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की बात भी कही। एआई से विकास की उम्मीद, सुरक्षा उपाय भी जरूरी श्री रहमान ने मानवाधिकारों और शरणार्थियों के अधिकारों की रक्षा के साथ डिजिटल सुविधाओं तक पहुंच की खाई पाटने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई विकास को गति दे सकता है, लेकिन इसके इस्तेमाल में सुरक्षा उपाय जरूरी हैं। संयुक्त राष्ट्र के कामकाज में वित्तीय पारदर्शिता की मांग करते हुए उन्होंने सदस्य देशों से अपना बजट योगदान समय पर देने की अपील की। अगले महासचिव के चयन की जिम्मेदारी भी इसी सत्र पर महासभा का 81वां सत्र अगले संयुक्त राष्ट्र महासचिव के चयन और नियुक्ति की प्रक्रिया का भी संचालन करेगा। श्री रहमान ने भरोसा दिलाया कि यह प्रक्रिया संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 97 के अनुसार निष्पक्ष, पारदर्शी और समावेशी तरीके से पूरी की जाएगी।समावेशी नेतृत्व पर जोर देते हुए उन्होंने अपनी अध्यक्षीय टीम में 60 फीसदी महिलाओं को शामिल करने की जानकारी भी दी। गुटेरेस की अपील—संकटों के बीच एकजुट हों सदस्य देश सत्र को संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि गंभीर भू-राजनीतिक संकटों, परमाणु जोखिमों और गरीबी के बीच बहुपक्षीय व्यवस्था दबाव में है। उन्होंने ‘पैक्ट फॉर द फ्यूचर’ और ‘यूएन80 इनिशिएटिव’ को सुधारों का खाका बताते हुए सदस्य देशों से एकजुट होकर कदम उठाने का आह्वान किया। श्री रहमान ने कहा कि अपनी कमियों के बावजूद संयुक्त राष्ट्र ने आठ दशकों से अधिक समय से दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध से बचाया है। इस महीने के अंत में होने वाली उच्च स्तरीय बहस में वैश्विक नेता महासभा को संबोधित करेंगे।