Full Story

भागलपुर। पूर्वी बिहार और सीमांचल की जीवनरेखा माने जाने वाले भागलपुर जिले में विक्रमशिला गंगा पुल पर बनाए गए अस्थायी बेली ब्रिज को आज से आम जनता के लिए खोल दिया गया। बिहार के पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र ने रविवार को बेली ब्रिज का उद्घाटन किया और इसे जनता को समर्पित किया। इस मौके पर मंत्री ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधिकारियों और श्रमिकों की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों और भीषण गर्मी के बावजूद जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर रिकॉर्ड समय में यह कार्य पूरा किया गया। उन्होंने कहा कि मात्र 16 से 20 दिनों के भीतर पुल पर छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई, जिससे भागलपुर, नवगछिया, कोसी और सीमांचल क्षेत्र के लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। दरअसल, मई के पहले सप्ताह में विक्रमशिला पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद सुरक्षा कारणों से पुल पर सभी तरह के वाहनों का परिचालन बंद कर दिया गया था। लोगों की परेशानी को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर बेली ब्रिज का निर्माण कराया गया। भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और बेली ब्रिज के तकनीकी परीक्षण के बाद रविवार से छोटे वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया गया है। फिलहाल पुल की एक लेन, जिसकी चौड़ाई लगभग पांच मीटर है, यातायात के लिए खोली गई है। उन्होंने बताया कि इस मार्ग पर केवल छोटे और मध्यम श्रेणी के वाहन ही चल सकेंगे, जिनकी अधिकतम भार क्षमता 10 टन होगी। ट्रैकर, मैजिक, छोटे यात्री वाहन और पिकअप वैन जैसे हल्के मालवाहक वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी। यातायात को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखने के लिए पुल के दोनों छोरों महादेवपुर घाट और बरारी घाट पर दंडाधिकारी, पुलिस बल और क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) की तैनाती की गई है। पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे कंट्रोल रूम से की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि पुल पर वन-वे ट्रैफिक सिस्टम लागू रहेगा। रेड और ग्रीन सिग्नल आधारित ट्रैफिक लाइट व्यवस्था के माध्यम से वाहनों का संचालन किया जाएगा। साथ ही पुलिस बल तीन पालियों में तैनात रहेगा ताकि चौबीसों घंटे यातायात व्यवस्था पर नजर रखी जा सके। गौरतलब है कि इस वर्ष 03 मई को विक्रमशिला पुल के कुछ स्लैब अचानक टूटकर गंगा नदी में गिर गए थे, जिसके बाद पुल पर सभी प्रकार के आवागमन पर रोक लगा दी गई थी। पिछले एक महीने से अधिक समय से दोनों ओर के लोग भारी परेशानियों का सामना कर रहे थे। अब बेली ब्रिज शुरू होने के साथ ही भागलपुर, कोसी और सीमांचल क्षेत्र का सड़क संपर्क फिर से बहाल हो गया है, जिससे लाखों लोगों ने राहत की सांस ली है। विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद झारखंड और पूर्वी बिहार से बड़े वाहनों का परिचालन सुल्तानगंज, मुंगेर और लखीसराय राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-80 से नवनिर्मित चार लेन हाथिदह-बरौनी पुल पर से किया जा रहा है।