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नयी दिल्ली। देश का इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बाजार अगस्त में नई रफ्तार पकड़ता दिखाई दिया और यात्री वाहन, टू व्हीलर, थ्री व्हीलर तथा वाणिज्यिक वाहन- चारों श्रेणियों में बिक्री के पुराने अगस्त रिकॉर्ड टूटने के साथ कुल ईवी रिटेल बिक्री सालाना आधार पर 52.9 प्रतिशत बढ़कर 2,98,448 इकाई के नए उच्च स्तर पर पहुंच गयी, जबकि कुल वाहन बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी एक साल पहले के 9.5 प्रतिशत से बढ़कर 12.3 प्रतिशत हो गयी। अगस्त में करीब तीन लाख ईवी बिके घरेलू वाहन डीलरों के शीर्ष संगठन फाडा की मंगलवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक अगस्त इलेक्ट्रिक वाहन बाजार के लिए रिकॉर्ड महीना रहा। महीने के दौरान यात्री वाहन, दुपहिया, तिपहिया और वाणिज्यिक वाहन मिलाकर कुल 2,98,448 इलेक्ट्रिक वाहन बिके। यह पिछले साल अगस्त के मुकाबले 52.9 प्रतिशत ज्यादा है। सबसे अहम बदलाव ईवी की कुल वाहन बाजार में बढ़ती हिस्सेदारी में दिखा। पिछले साल अगस्त में बिकने वाले कुल वाहनों में ईवी की हिस्सेदारी 9.5 प्रतिशत थी, जो इस साल बढ़कर 12.3 प्रतिशत हो गयी यानी अब देश में बिकने वाले हर 100 वाहनों में औसतन 12 से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन हैं। इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 51.89% बढ़ी इलेक्ट्रिक यात्री वाहन बाजार में अगस्त के दौरान 30,696 वाहनों की बिक्री हुई, जो सालाना आधार पर 51.89 प्रतिशत की वृद्धि है।कुल यात्री वाहन बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी भी तेजी से बढ़ी। यह पिछले साल अगस्त के 5.8 प्रतिशत से बढ़कर इस साल 7.6 प्रतिशत पर पहुंच गयी। इस श्रेणी में टाटा मोटर्स 13,158 वाहनों की बिक्री के साथ पहले स्थान पर रही। महिंद्रा एंड महिंद्रा के लिए भी 13,158 इकाई का आंकड़ा दिया गया है, जबकि जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया 4,622 इकाइयों के साथ इसके बाद रही। टू व्हीलर ईवी की रफ्तार सबसे ज्यादा मजबूत बिक्री संख्या के लिहाज से इलेक्ट्रिक दुपहिया बाजार सबसे बड़ा रहा। अगस्त में देशभर में 1,83,204 इलेक्ट्रिक दुपहिया वाहन बिके। यह पिछले साल अगस्त के मुकाबले 67.05 प्रतिशत अधिक है। कुल दुपहिया वाहन बाजार में ईवी की हिस्सेदारी भी 7.7 प्रतिशत से बढ़कर 10.7 प्रतिशत हो गयी। यानी इलेक्ट्रिक स्कूटर और मोटरसाइकिल अब दुपहिया बाजार के दस प्रतिशत से ज्यादा हिस्से पर कब्जा कर चुके हैं। टीवीएस नंबर वन, बजाज की बिक्री 235% से ज्यादा बढ़ी इलेक्ट्रिक दुपहिया श्रेणी में टीवीएस मोटर कंपनी ने अपना पहला स्थान बरकरार रखा। कंपनी ने अगस्त में 48,938 इलेक्ट्रिक दुपहिया वाहन बेचे, जो सालाना आधार पर 90.82 प्रतिशत की वृद्धि है। बजाज ऑटो की रफ्तार और तेज रही। उसकी इलेक्ट्रिक दुपहिया बिक्री 235.73 प्रतिशत बढ़कर 41,114 इकाई पर पहुंच गयी। वहीं, एथर एनर्जी ने अगस्त में 28,757 इलेक्ट्रिक वाहन बेचे। उसकी बिक्री में सालाना 49.70 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। थ्री व्हीलर बाजार में ईवी का कब्जा 65% के पार इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन बाजार में भी तेज विस्तार देखने को मिला। अगस्त में इस श्रेणी की बिक्री 25.28 प्रतिशत बढ़कर 79,846 इकाई पर पहुंच गयी। सबसे बड़ी बात यह रही कि कुल तिपहिया वाहन बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 56.6 प्रतिशत से बढ़कर 65.3 प्रतिशत हो गयी। इसका मतलब है कि अगस्त में बिकने वाले लगभग हर तीन तिपहिया वाहनों में से दो इलेक्ट्रिक थे। बजाज ने महिंद्रा को पीछे छोड़ा इलेक्ट्रिक तिपहिया बाजार में इस बार बड़ा बदलाव भी देखने को मिला। बजाज ऑटो दूसरे स्थान से छलांग लगाकर पहले स्थान पर पहुंच गयी। कंपनी की बिक्री 117.19 प्रतिशत बढ़कर 13,833 इकाई हो गयी। महिंद्रा समूह 12,819 इकाइयों की बिक्री के साथ दूसरे स्थान पर रहा। उसकी बिक्री सालाना आधार पर 45.04 प्रतिशत बढ़ी । वहीं, टीवीएस मोटर कंपनी ने 4,415 इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन बेचे और उसकी बिक्री में 93.64 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। कमर्शियल ईवी में सबसे बड़ा धमाका, बिक्री 188% बढ़ी चारों श्रेणियों में सबसे तेज सालाना वृद्धि इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहनों में देखने को मिली। अगस्त में देश में 4,702 इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन बिके। यह पिछले साल के मुकाबले करीब 188 प्रतिशत ज्यादा है। कुल वाणिज्यिक वाहन बाजार में इलेक्ट्रिक की हिस्सेदारी भी तेजी से बढ़ी। यह अगस्त 2025 के 2.06 प्रतिशत से बढ़कर 5.18 प्रतिशत हो गयी यानी एक साल में इस श्रेणी में ईवी की बाजार हिस्सेदारी ढाई गुना से भी ज्यादा हो गयी। टाटा कमर्शियल ईवी में भी सबसे आगे इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन श्रेणी में टाटा मोटर्स 1,416 इकाइयों की बिक्री के साथ पहले स्थान पर रही। कंपनी की बिक्री में सालाना 216 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। यूलर मोटर्स की बिक्री 961 प्रतिशत बढ़कर 849 इकाई पर पहुंच गयी। वहीं, सानी हैवी इंडस्ट्री इंडिया ने अगस्त में 605 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल इसी महीने उसकी बिक्री सिर्फ एक इकाई थी। ईवी बाजार का पूरा हिसाब ‘अब सिर्फ सब्सिडी की कहानी नहीं है ईवी’ फाडा के अध्यक्ष साई गिरिधर ने कहा कि वाहनों की कुल खुदरा बिक्री भले ही पिछले साल के त्योहारी सीजन के उच्च स्तर से काफी नीचे है, लेकिन ईवी की हर श्रेणी पिछले नौ महीनों में बने रिकॉर्ड के बेहद करीब बनी हुई है। उनके मुताबिक इलेक्ट्रिक परिवहन अब केवल सब्सिडी पर निर्भर कहानी नहीं रह गया है, बल्कि कम परिचालन लागत, बढ़ते चार्जिंग ढांचे और ग्राहकों के मजबूत होते भरोसे की कहानी बन चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि इलेक्ट्रिक परिवहन अब देश की विकास गाथा का अहम हिस्सा है और ग्रामीण भारत तथा छोटे शहर भी इस बदलाव में मजबूती से शामिल हो रहे हैं। आंकड़े बता रहे ईवी बाजार की बदलती तस्वीर अगस्त के आंकड़ों में एक साथ कई बड़े संकेत दिखाई देते हैं। बिक्री संख्या के लिहाज से इलेक्ट्रिक दुपहिया सबसे आगे हैं, तिपहिया बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी पहले ही 65 प्रतिशत के पार पहुंच चुकी है और कमर्शियल ईवी ने सालाना वृद्धि के मामले में बाकी सभी श्रेणियों को पीछे छोड़ दिया है। सबसे बड़ी तस्वीर यह है कि कुल वाहन बाजार में इलेक्ट्रिक की हिस्सेदारी केवल एक साल में 9.5 प्रतिशत से बढ़कर 12.3 प्रतिशत हो गयी है। अगस्त में चारों श्रेणियों के रिकॉर्ड टूटना इस बात का संकेत है कि इलेक्ट्रिक वाहन अब भारतीय ऑटो बाजार के एक छोटे हिस्से तक सीमित नहीं रहे, बल्कि तेजी से मुख्यधारा की ओर बढ़ रहे हैं।



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