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पटना: बिहार में पंचायतों का नक्शा बदलने की तैयारी शुरू हो गई है क्योंकि सरकार ने ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद क्षेत्रों का 2011 की जनगणना के आधार पर नया गठन और परिसीमन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे स्थानीय प्रशासन को अधिक संतुलित और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी बनाने का रास्ता साफ हो गया है। क्या है कैबिनेट का फैसला मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) अरविंद कुमार चौधरी ने बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने फैसला किया है कि बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 के तहत ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद क्षेत्रों का गठन और सीमांकन 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा। यानी जहां आबादी बढ़ी या बदली है, वहां पंचायतों की सीमाओं में भी बदलाव किया जा सकेगा। इस वर्ष होने वाला पंचायत चुनाव भी नई परिसीमन के आधार पर कराया जाएगा। आम लोगों पर क्या होगा असर इस फैसले के बाद पंचायत क्षेत्रों का आकार और सीमा जनसंख्या के हिसाब से तय होगी। इससे लोगों को अपने क्षेत्र में बेहतर प्रतिनिधित्व मिलेगा और सरकारी योजनाओं का लाभ भी अधिक व्यवस्थित तरीके से पहुंच सकेगा। सरकार को क्या उम्मीद है सरकार का मानना है कि नए परिसीमन से पंचायतों का कामकाज आसान होगा, विकास योजनाओं को लागू करने में सुविधा होगी और हर क्षेत्र का संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा। साथ ही स्थानीय प्रशासन पहले से अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनेगा।



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