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पटना: बिहार सरकार ने राज्य की हवाई कनेक्टिविटी को नई उड़ान देने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए भागलपुर में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण किए जाने के साथ ही राजगीर, रोहतास और कैमूर में नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की प्रक्रिया तेज करने तथा बिहार उड़ान संस्थान के प्रशिक्षुओं के लिए मल्टी इंजन प्रशिक्षण विमान उपलब्ध कराने के प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की है। भागलपुर में बनेगा आधुनिक ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) अरविंद कुमार चौधरी ने बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने भागलपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण पर प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। इसके तहत करीब 3145.23 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जाएगी, जिसके लिए लगभग 1329.59 करोड़ रुपये के मुआवजे की मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि इस एयरपोर्ट का नामकरण अजगैबीनाथ ग्रीनफील्ड हवाईअड्डा किया गया है. श्री चौधरी ने बताया कि एयरपोर्ट के आसपास लगभग 1025 एकड़ क्षेत्र को एयरोसिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां विमानन उद्योग, लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउसिंग, होटल, कन्वेंशन सेंटर, व्यावसायिक और आवासीय परिसर, विमान रखरखाव (एमआरओ) सुविधाएं तथा कौशल विकास संस्थान विकसित किए जाएंगे। क्या होगा फायदा * भागलपुर और अंग क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी। * अजगैबीनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही आसान होगी। * पर्यटन, व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। * स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। * आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी। राजगीर, रोहतास और कैमूर में नए एयरपोर्ट की तैयारी तेज सरकार ने राजगीर, रोहतास और कैमूर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और बिहार सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) को मंजूरी दे दी है। इस समझौते के बाद इन तीनों प्रस्तावित एयरपोर्ट की प्री-फिजिबिलिटी स्टडी तय समय में पूरी की जाएगी। अध्ययन के दौरान तकनीकी और भौगोलिक जानकारी का आदान-प्रदान होगा, जिससे परियोजनाओं को तेजी और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाया जा सकेगा। एयरपोर्ट बनने से इन क्षेत्रों में हवाई आवागमन आसान होगा और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। बिहार उड़ान संस्थान के प्रशिक्षुओं को मिलेगा मल्टी इंजन विमान एसीएस ने बताया कि राज्य सरकार ने बिहार उड़ान संस्थान के प्रशिक्षुओं के लिए बीचक्राफ़्ट बैरन जी58 मल्टी इंजन विमान की सेवा लेने को मंजूरी दी है। इसके लिए नामांकन के आधार पर चयन और प्रति माह 6.50 लाख रुपये की दर से वार्षिक 78 लाख रुपये के खर्च की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने बताया कि मल्टी इंजन विमान उपलब्ध होने से प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें बिहार में ही आधुनिक प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे उनकी रोजगार क्षमता बढ़ेगी। अधिकांश वाणिज्यिक विमानन कंपनियां मल्टी इंजन रेटिंग वाले पायलटों को प्राथमिकता देती हैं, इसलिए यह फैसला युवाओं के लिए बेहतर करियर अवसर भी तैयार करेगा। क्यों महत्वपूर्ण हैं ये तीन फैसले? सिविल विमानन विभाग से जुड़े ये तीनों निर्णय केवल एयरपोर्ट निर्माण तक सीमित नहीं हैं। इनसे बिहार में हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार होगा, धार्मिक और क्षेत्रीय पर्यटन को नई रफ्तार मिलेगी, निवेश आकर्षित होगा और विमानन क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं आधुनिक प्रशिक्षण के अवसर बढ़ेंगे। सरकार का लक्ष्य राज्य को आधुनिक विमानन अवसंरचना से जोड़ते हुए आर्थिक विकास को नई गति देना है।