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पटना: बिहार सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए संपत्ति निबंधन की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है, जिसके तहत अब 75 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को घर बैठे रजिस्ट्रेशन की सुविधा मिलेगी, जबकि जमीन की ऑनलाइन जांच, जीआईएस सत्यापन और व्हाट्सऐप-ईमेल पर दस्तावेज उपलब्ध कराने जैसी नई व्यवस्थाएं भी शुरू की गई हैं। घर पहुंचेगी मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को वैशाली (हाजीपुर) जिला निबंधन कार्यालय में डिजिटल एवं पेपरलेस निबंधन प्रणाली के तहत होम रजिस्ट्रेशन, ऑनलाइन भूमि जांच, पेपरलेस निबंधन और जीआईएस आधारित स्थल निरीक्षण जैसी चार नई सेवाओं की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के घर जाकर रजिस्ट्रेशन करने वाली मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट को भी रवाना किया। अब व्हाट्सऐप और ई-मेल पर मिलेंगे दस्तावेज नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्रेशन से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज अब व्हाट्सऐप और ई-मेल के जरिए भी उपलब्ध कराए जाएंगे। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पेपरलेस होने से कागजी कार्रवाई कम होगी, समय बचेगा और लोगों को बार-बार कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। जमीन खरीदने से पहले होगी ऑनलाइन जांच सरकार ने भूमि लेन-देन को सुरक्षित बनाने के लिए जीआईएस तकनीक और ऑनलाइन सत्यापन की व्यवस्था भी शुरू की है। इससे जमीन खरीदने से पहले उसकी वास्तविक स्थिति की जांच हो सकेगी, फर्जीवाड़े और विवाद कम होंगे तथा खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा। राज्य से बाहर रहने वालों को भी मिलेगी सुविधा मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिहार से बाहर रहने वाले लोग भी मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से डिजिटल रजिस्ट्रेशन की सुविधा का लाभ उठा सकें। इससे बाहर रहने वाले लोगों के लिए संपत्ति संबंधी कामकाज पहले से आसान हो जाएगा। 15 जुलाई से खुलेंगे 213 नए डिग्री कॉलेज श्री चौधरी ने घोषणा की है कि 15 जुलाई से बिहार के विभिन्न प्रखंडों में 213 नए डिग्री कॉलेज शुरू होंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों तक उच्च शिक्षा का विस्तार होगा और छात्रों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर शिक्षा के अवसर मिलेंगे। 'ईज ऑफ लिविंग' बढ़ाना सरकार का लक्ष्य मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल होम रजिस्ट्री सिस्टम बिहार में सुशासन और डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम है। इसका उद्देश्य लोगों का जीवन आसान बनाना, सरकारी सेवाओं को पारदर्शी बनाना और भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाना है। सरकार के प्रयास और बुजुर्गों के आशीर्वाद से बिहार विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।