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पटना। बिहार को शहरी आधारभूत ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आज बड़ी सौगात मिली, जहां पटना के तीन आधुनिक गंगा घाट आम लोगों के लिए समर्पित किए गए वहीं राज्यभर में नए आईसीयू बेड, 24×7 आपातकालीन सेवाएं, मुफ्त डायलिसिस, आधुनिक पैथोलॉजी सुविधाएं और पटना सिटी के गुरु गोविंद सिंह अस्पताल के नवनिर्मित भवन में कई स्वास्थ्य सेवाओं की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के भद्र घाट, महावीर घाट और नौजर घाट के सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसके साथ ही पटना सिटी के गुरु गोविंद सिंह अस्पताल के नवनिर्मित भवन में विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं, जिला औषधि भंडार गृह तथा राज्यभर में शुरू की गई कई नई चिकित्सा सुविधाओं का भी शुभारंभ किया। अब पहले से ज्यादा सुरक्षित और आधुनिक होंगे गंगा घाट बुडको की ओर से 46.26 करोड़ रुपये की लागत से विकसित तीनों घाटों को पूरी तरह आधुनिक स्वरूप दिया गया है। पहले कच्चे रहे इन घाटों पर अब पक्का घाट, आधुनिक वॉक-वे, हाई मास्ट लाइट, सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग, बैठने की व्यवस्था और बेहतर सफाई की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे गंगा स्नान, पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ रोजाना आने वाले लोगों को भी सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल मिलेगा। छठ महापर्व पर लाखों श्रद्धालुओं को मिलेगा सीधा फायदा इन घाटों के विकसित होने का सबसे बड़ा लाभ छठ महापर्व के दौरान देखने को मिलेगा। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन घाटों पर अर्घ्य देने पहुंचते हैं। नए निर्माण से भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और स्वच्छता पहले के मुकाबले काफी बेहतर होगी। स्वास्थ्य सेवाओं में भी बड़ा विस्तार बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी कई अहम कदम उठाए गए हैं। पटना सिटी स्थित गुरु गोविंद सिंह अस्पताल के नए भवन में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं शुरू की गई हैं ताकि मरीजों को बेहतर इलाज अपने ही जिले में मिल सके।निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों को निर्देश दिया कि अस्पतालों में इलाज की सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रहें, ताकि मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत कम पड़े। 105 नए आईसीयू बेड और 24 घंटे इमरजेंसी सेवा राज्य के विभिन्न जिला अस्पतालों में 105 नए आईसीयू बेड , 70 इंटरमीडिएट केयर यूनिट (आईएमसीयू) बेड और 24×7 आपातकालीन सेवाओं की शुरुआत की गई है। इससे गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिलने में मदद मिलेगी। 11 हब लैब, 221 स्पोक लैब से मिलेगी आधुनिक जांच सुविधा सरकारी अस्पतालों में निजी-सार्वजनिक भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत मुफ्त पैथोलॉजी सेवाओं का पहला चरण भी शुरू हुआ है। इसके तहत 11 हब लैब और 221 स्पोक लैब को जोड़ा गया है, जिससे मरीजों को आधुनिक जांच और समय पर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जा सकेगी। 25 अनुमंडलीय अस्पतालों में मुफ्त डायलिसिस राज्य के 25 अनुमंडलीय अस्पतालों में डायलिसिस सेवा शुरू की गई है। पीएचएच (पीएचएच) और आयुष्मान भारत कार्डधारकों को यह सुविधा निःशुल्क मिलेगी जबकि अन्य पात्र मरीजों को रियायती दर पर इलाज उपलब्ध होगा। इससे किडनी के मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों की दौड़ कम करनी पड़ेगी। बुनियादी सुविधाओं के साथ जीवन आसान बनाने पर जोर नई परियोजनाओं के जरिए सरकार ने एक साथ शहरी आधारभूत ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर फोकस किया है। आधुनिक गंगा घाट जहां धार्मिक और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाएंगे, वहीं अस्पतालों में शुरू हुई नई स्वास्थ्य सेवाएं इलाज को अधिक सुलभ, तेज और गुणवत्तापूर्ण बनाने में मदद करेंगी। बिहार के लिए यह विकास और जनसुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



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