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पटना। बिहार की राजधानी पटना की एक विशेष अदालत ने रिश्वत लेने के जुर्म में बिहार पुलिस के एक सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई ) को तीन वर्षों के सश्रम कारावास के साथ ही 26 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दोषी करार निगरानी के विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह ने मामले में सुनवाई के बाद पटना जिले के बिहटा थाना के तत्कालीन सहायक अवर निरीक्षक बद्री राम को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को तीन माह के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी। ट्रक की जांच के लिए प्रतिवेदन जारी करने के एवज में मांगी रिश्वत मामले के विशेष लोक अभियोजक प्रभारी ट्रैप केसेज किशोर कुमार सिंह ने बताया की मामले के शिकायतकर्ता की ट्रक से एक दुर्घटना के मुकदमे मे जप्त हुई थी। दोषी उस मुकदमे का अनुसंधानक था। ट्रक मुक्त करने से पूर्व वाहन यान निरीक्षक से उसकी जांच होनी थी। वाहन यान निरीक्षक से ट्रक की जांच कराने के लिए प्रतिवेदन जारी करने के एवज में दोषी मामले के शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायतकर्ता के आवेदन पर आरोप का सत्यापन कराया गया और आरोप सही पाए जाने के बाद निगरानी के अधिकारियों ने 03 सितंबर 2011 को बिहटा थाना परिसर स्थित आवास से दोषी को शिकायतकर्ता से ₹ 13000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। अभियोजन ने आरोप साबित करने के लिए इस मामले में 10 गवाहों का बयान अदालत में कलमबंद करवाया था।



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