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पटना। बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मुजफ्फरपुर जिले के राजेपुर ओपी में तैनात सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) मुन्ना कुमार यादव को एक मामले से युवक का नाम हटाने के बदले 8 हजार रुपये रिश्वत लेते आज रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। बेटे का नाम हटाने के बदले मांगे थे पैसे ब्यूरो ने बुधवार को बताया कि मुजफ्फरपुर जिले के परसौनी नाथ गांव निवासी बबन पासवान ने शिकायत की थी कि राजेपुर ओपी (आउट पोस्ट) में दर्ज थाना कांड संख्या 523/26 से उनके बेटे का नाम हटाने के लिए एएसआई मुन्ना कुमार यादव 8 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने पूरे मामले का सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर पुलिस उपाधीक्षक शिव कुमार साह के नेतृत्व में विशेष ट्रैप टीम बनाई गई और कार्रवाई की योजना तैयार की गई। ओपी परिसर में रंगे हाथ पकड़ा गया एएसआई निगरानी की टीम ने बुधवार को राजेपुर ओपी परिसर में छापेमारी कर एएसआई मुन्ना कुमार यादव को 8 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है। इसके बाद उसे विशेष निगरानी न्यायालय, मुजफ्फरपुर में पेश किया जाएगा। मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी। 2026 में 72वां ट्रैप केस निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के मुताबिक, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह 77वीं प्राथमिकी और 72वां ट्रैप केस है। इस वर्ष अब तक 71 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है और 27.63 लाख रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई है। ब्यूरो ने लोगों से अपील की है कि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगे तो इसकी सूचना तुरंत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को दें।



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