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मुंबई। विदेशी निवेशकों की शेयर बाजार से दूरी लगातार बढ़ती जा रही है और जून के पहले दो सप्ताह में उन्होंने 62853 करोड़ रुपये की इक्विटी बेच दी, जिससे इस महीने अब तक उनकी कुल शुद्ध निकासी 43955 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। शेयर बाजार से पैसा निकाला, डेट मार्केट में बढ़ाया निवेश केंद्रीय डिपॉजिटरी सेवा (सीडीएसएल) के आंकड़ों के मुताबिक, एफपीआई ने जून में शेयर बाजार में बड़े पैमाने पर बिकवाली की है। हालांकि, दूसरी ओर उन्होंने डेट (बॉन्ड) बाजार में 18960 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है। इससे साफ है कि विदेशी निवेशक फिलहाल इक्विटी की बजाय अपेक्षाकृत सुरक्षित निवेश विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं। म्यूचुअल फंड और हाइब्रिड फंड से भी निकासी सिर्फ शेयर बाजार ही नहीं, विदेशी निवेशकों ने म्यूचुअल फंड और हाइब्रिड निवेश साधनों से भी दूरी बनाई है। जून में अब तक म्यूचुअल फंड से 35 करोड़ रुपये और हाइब्रिड उपकरणों से 27 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी दर्ज की गई है। चौथे महीने भी जारी रही बिकवाली एफपीआई लगातार चौथे महीने भारतीय बाजार में बिकवाल बने हुए हैं। इससे पहले मई में उन्होंने 29919 करोड़ रुपये, अप्रैल में 70786 करोड़ रुपये और मार्च में 1.26 लाख करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की थी। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। 2026 में अब तक 2.62 लाख करोड़ रुपये की निकासी इस साल जनवरी से जून के बीच एफपीआई भारतीय पूंजी बाजार से कुल दो लाख 62 हजार 875 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी कर चुके हैं। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा इक्विटी बाजार का है, जबकि डेट बाजार में निवेश जारी रहा है। इक्विटी बाजार पर सबसे ज्यादा असर मौजूदा कैलेंडर वर्ष में विदेशी निवेशक अकेले भारतीय शेयर बाजार से दो लाख 87 हजार 785 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिकी ब्याज दरों और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक हालात के कारण विदेशी निवेशक फिलहाल भारतीय इक्विटी बाजार में सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।