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वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट से झटका मिलने के बाद भी जन्म के आधार पर मिलने वाली अमेरिकी नागरिकता को सीमित करने की कोशिश नहीं छोड़ी है और अब उन्होंने नया कार्यकारी आदेश जारी कर कुछ खास मामलों में अमेरिका में जन्मे बच्चों को अपने आप नागरिकता मिलने से रोकने का नया दांव चला है। व्हाइट हाउस का दावा-‘बर्थ टूरिज्म’ पर लगेगी रोक व्हाइट हाउस के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी नागरिकता के महत्व और उसकी मौजूदा व्यवस्था को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से गुरुवार को दो नए कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें जन्म के आधार पर नागरिकता पाने वाले कुछ लोगों की पात्रता सीमित करने के साथ ‘बर्थ टूरिज्म’ पर रोक लगाने के उपाय शामिल हैं। व्हाइट हाउस ने इसे अमेरिकी नागरिकता के कथित दुरुपयोग को रोकने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि अमेरिकी नागरिकता एक बेहद मूल्यवान अधिकार है और इसे हासिल करने के लिए बर्थ टूरिज्म जैसी प्रथाओं पर अंकुश लगाना जरूरी है। पहला आदेश नहीं चला, अब बदला तरीका श्री ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले दिन ही जन्मसिद्ध नागरिकता पर रोक लगाने की कोशिश की थी। उस आदेश का मकसद अमेरिका में अवैध रूप से या अस्थायी तौर पर रह रहे विदेशी नागरिकों के बच्चों को जन्म लेते ही अमेरिकी नागरिक बनने से रोकना था। मामला अदालत पहुंचा और कई निचली अदालतों ने आदेश पर रोक लगा दी। आखिरकार जून में सुप्रीम कोर्ट ने भी 6-3 के फैसले से ट्रंप की कोशिश को खारिज कर दिया लेकिन ट्रंप पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।अब उन्होंने पहले से कम दायरे वाला नया आदेश जारी किया है। नए आदेश में किन लोगों पर नजर नए आदेश में सभी विदेशी माता-पिता के बच्चों को एक साथ निशाना बनाने के बजाय कुछ खास श्रेणियों पर ध्यान दिया गया है। इनमें विदेशी दूतावासों या संगठनों से जुड़े लोगों के बच्चे, अमेरिका की नजर में ‘शत्रु विदेशी’ की श्रेणी में आने वाले लोग और नागरिकता हासिल करने के लिए कथित तौर पर धोखाधड़ी करने वाले माता-पिता के बच्चे शामिल हैं। यानी ट्रंप प्रशासन ने इस बार कानूनी चुनौती से बचने के लिए दायरा पहले से छोटा रखने की कोशिश की है। बच्चे को अमेरिकी नागरिक बनाने के लिए अमेरिका आने पर भी सख्ती अमेरिकी राष्ट्रपति का दूसरा बड़ा निशाना ‘बर्थ टूरिज्म’ है। इसका मतलब ऐसे मामलों से है, जब कोई विदेशी महिला बच्चे को जन्म देने के उद्देश्य से अमेरिका आती है ताकि अमेरिका में पैदा होने के कारण उसके बच्चे को वहां की नागरिकता मिल सके।ट्रंप प्रशासन ऐसे लोगों को मिलने वाले वीजा पर और सख्ती करना चाहता है। ट्रंप बोले- सुप्रीम कोर्ट का फैसला गलत था श्री ट्रंप ने साफ कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि सुप्रीम कोर्ट उनके पहले फैसले का समर्थन करेगा। उन्होंने अदालत के फैसले को अनुचित बताते हुए संकेत दिया कि अब उनकी सरकार दूसरे कानूनी रास्ते से जन्मसिद्ध नागरिकता को सीमित करने की कोशिश करेगी। श्री ट्रंप और उनके समर्थकों का तर्क है कि मौजूदा व्यवस्था अमेरिका आने वाले लोगों के लिए एक आकर्षण का काम करती है और अमेरिकी नागरिकता इतनी आसानी से नहीं मिलनी चाहिए। लेकिन संविधान क्या कहता है यहीं श्री ट्रंप के सामने सबसे बड़ी कानूनी दीवार खड़ी होती है। अमेरिकी संविधान का 14वां संशोधन सीमित अपवादों को छोड़कर अमेरिका में जन्म लेने वाले लोगों को नागरिकता देता है। यही वजह है कि श्री ट्रंप के पहले आदेश को अदालत में कड़ी चुनौती मिली थी। अब फिर अदालत की चौखट पर पहुंच सकती है लड़ाई श्री ट्रंप ने इस बार अपना दांव जरूर बदला है लेकिन विवाद वही पुराना है, “अमेरिका में जन्म लेने वाला बच्चा अमेरिकी नागरिक होगा या नहीं?” पहली लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची और ट्रंप को झटका लगा। अब नए आदेश के बाद कानूनी लड़ाई का दूसरा दौर शुरू होने की जमीन तैयार हो गई है।