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पटना। बिहार के सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान कथित तौर पर एके-47 से फायरिंग के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बुधवार को पांच साल बाद सड़क पर उतरे, जहां पटना के जेपी गोलंबर से राजभवन तक निकाले गए मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और अंततः तेजस्वी को हिरासत में लेकर मार्च रोक दिया। जेपी गोलंबर से शुरू हुआ मार्च, हजारों समर्थक जुटे श्री यादव के नेतृत्व में निकला मार्च जेपी गोलंबर से शुरू हुआ और राजभवन तक जाना था। करीब पांच किलोमीटर लंबे इस मार्च में लगभग पांच हजार समर्थकों के शामिल होने का दावा किया गया। मार्च में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और राजद कार्यकर्ता तिरंगा, पार्टी के झंडे और नारे लिखी तख्तियां लेकर पहुंचे। कुछ कार्यकर्ता लकड़ी और कार्डबोर्ड से बनी एके-47 की प्रतिकृति लेकर भी प्रदर्शन में शामिल हुए। राजद ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, “नहीं चलेगी एके-47 वाली भ्रष्ट सरकार, छात्र मांगें कदाचार मुक्त परीक्षा का अधिकार।” डाकबंगला चौराहे पर टूटी बैरिकेडिंग मार्च को रोकने के लिए पुलिस ने डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग कर भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी। पुलिस ने पहले ही साफ कर दिया था कि प्रदर्शनकारियों को यहां से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके बावजूद राजद कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई। श्री यादव भी मौके पर मौजूद रहे और पार्टी के माइक से कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने की अपील की जाती रही। आयकर गोलंबर पर चला वाटर कैनन डाकबंगला चौराहे से आगे बढ़े प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आयकर गोलंबर के पास वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की तेज बौछार के बावजूद कई कार्यकर्ता सड़क पर डटे रहे। कुछ कार्यकर्ता पानी के बीच नाचते भी नजर आए, जबकि कुछ ने पुलिस की ओर पानी की बोतलें फेंकीं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई थी। तेजस्वी यादव को हिरासत में लिया गया आयकर गोलंबर पर तनाव बढ़ने के बाद पुलिस ने तेजस्वी यादव को हिरासत में ले लिया। पुलिसकर्मी उन्हें बैरिकेडिंग के दूसरी ओर ले गए और फिर एक वाहन में बैठाकर वहां से रवाना कर दिया। उनके साथ मौजूद कई राजद कार्यकर्ताओं को भी आगे बढ़ने से रोक दिया गया। तेजस्वी की हिरासत के बाद मार्च को वहीं समाप्त करा दिया गया। ‘जेल से डरने वाला नहीं हूं’ हिरासत में लिए जाने से पहले नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वह जेल जाने से नहीं डरते और छात्रों के अधिकारों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा, “हम लोग जेल से डरने वाले नहीं हैं। हमारे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भी जेल में हुआ था। जो सत्ता में आया है, उसका जाना तय है।” उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष छात्रों के अधिकार, बेरोजगारी खत्म करने, पेपर लीक रोकने, पारदर्शी परीक्षा, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए जारी रहेगा। वाटर कैनन पर सरकार को घेरा पुलिस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री यादव ने आरोप लगाया कि वाटर कैनन चलाने की कार्रवाई उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आदेश पर हुई। उन्होंने कहा, “इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। जनता जाग चुकी है और सड़कों पर है। अब सरकार को झुकना ही पड़ेगा।” छात्र प्रदर्शन में एके-47 के इस्तेमाल पर मांगा जवाब राजद नेता ने सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित एके-47 फायरिंग को लेकर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों के प्रदर्शन में इतना घातक हथियार क्यों इस्तेमाल किया गया और इसे चलाने की अनुमति किसने दी।उन्होंने कहा कि दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। मीसा भारती ने सरकार पर साधा निशाना मार्च में शामिल राजद सांसद मीसा भारती ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के इतने दिन बाद भी सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि अगर प्रदर्शन के दौरान एके-47 के इस्तेमाल की अनुमति जिला प्रशासन ने दी थी तो संबंधित जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार को युवा विरोधी बताते हुए आरोप लगाया कि वह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। पुलिस ने जवानों को दिए संयम बरतने के निर्देश मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, कानून-व्यवस्था कृष्ण मुरारी प्रसाद ने जवानों को निर्देश दिया कि वे झंडे का सम्मान करें और लाठी का इस्तेमाल बेहद समझदारी तथा संयम के साथ करें। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यालय और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भी अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। पांच साल बाद सड़क पर उतरे तेजस्वी श्री यादव करीब पांच साल बाद किसी बड़े राजनीतिक मुद्दे पर सड़क पर उतरकर आंदोलन करते नजर आए। इससे पहले वर्ष 2021 में उन्होंने बिहार सरकार के एक प्रस्ताव के विरोध में सड़क पर प्रदर्शन किया था। ऐसे में बुधवार के मार्च को राजद के बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा गया। पेपर लीक और बेरोजगारी को बनाया बड़ा मुद्दा तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी लड़ाई केवल सीवान की घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बिहार में पेपर लीक, बेरोजगारी, परीक्षा प्रणाली की कथित खामियों और छात्रों के भविष्य से जुड़ी व्यापक लड़ाई है। उन्होंने सरकार पर भाई-भतीजावाद और अपने लोगों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों तथा युवाओं की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। मार्च रुका, लेकिन सियासी टकराव और तेज पुलिस कार्रवाई और तेजस्वी यादव की हिरासत के बाद राजभवन मार्च भले ही पूरा नहीं हो सका, लेकिन इस घटनाक्रम ने छात्र आंदोलन, कथित एके-47 फायरिंग और परीक्षा व्यवस्था को लेकर बिहार की राजनीति को और गरमा दिया है। राजद ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे पर अपना आंदोलन जारी रखेगा जबकि अब सरकार और पुलिस प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।तं