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कोलकाता। पश्चिम बंगाल के चर्चित तमन्ना खातून हत्याकांड में दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भारतीय जानता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने दावा किया कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से पीड़ित परिवार की मुलाकात के 24 घंटे के भीतर कार्रवाई हुई और 'डबल इंजन सरकार' में किसी भी दोषी को उसकी राजनीतिक पहचान के आधार पर संरक्षण नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद तेज हुई कार्रवाई श्री अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि हाल ही में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता मीनाक्षी मुखर्जी ने उन परिवारों के साथ मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी, जो वर्षों से राजनीतिक हिंसा का शिकार होने का दावा करते रहे हैं। इन्हीं परिवारों में तमन्ना खातून की मां सबीना यास्मीन भी शामिल थीं, जो अपनी बेटी के लिए लगातार न्याय की मांग कर रही थीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के महज 24 घंटे के भीतर पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों शबीर शेख और जियारुल शेख को गिरफ्तार कर लिया। उपचुनाव के बाद हिंसा में गई थी मासूम की जान तमन्ना खातून की मौत नदिया जिले के कालीगंज में उपचुनाव जीत के बाद हुई राजनीतिक हिंसा के दौरान हुई थी। आरोप है कि झड़प के दौरान फेंके गए बम की चपेट में आने से आठ वर्षीय बच्ची की मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे राज्य में राजनीतिक हिंसा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। 'सालों तक नहीं हुई कार्रवाई' श्री मालवीय ने कहा कि घटना के कई साल बीत जाने के बावजूद आरोपी कानून की पकड़ से बाहर थे। इस दौरान तमन्ना की मां लगातार न्याय के लिए संघर्ष करती रहीं और बाद में माकपा के टिकट पर चुनाव भी लड़ा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाने के बाद जिस तेजी से कार्रवाई हुई, वह यह दिखाती है कि सरकार शिकायतों पर बिना किसी भेदभाव के कदम उठा रही है। 'राजनीतिक पहचान नहीं, कानून करेगा फैसला' भाजपा नेता ने कहा कि डबल इंजन सरकार में किसी भी आरोपी को उसकी राजनीतिक पहचान के आधार पर संरक्षण नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि जो भी अपराध करेगा, उसे कानून के मुताबिक सजा मिलेगी, चाहे वह किसी भी दल से जुड़ा क्यों न हो।