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मुंबई। वक्त के साथ सिनेमा के रुझान बदलते रहे लेकिन कुछ फिल्में ऐसी भी रहीं जिन्होंने महज बॉक्स ऑफिस की कामयाबी तक खुद को सीमित नहीं रखा बल्कि दर्शकों के दिलों, जेहन और पॉप-कल्चर में अपनी खास जगह बना ली; इस कड़ी में ‘धुरंधर’, ‘जवान’, ‘बाहुबली’, ‘रॉकस्टार’, ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ और ‘रांझणा’ ऐसी ही फिल्में हैं, जिन्होंने अपनी दिलचस्प दास्तान, यादगार किरदारों और गहरे जज़्बात के दम पर मॉडर्न कल्ट क्लासिक्स का मुकाम हासिल किया और अपने फिल्मकारों को हिंदुस्तानी सिनेमा के सबसे असरदार और दूरअंदेश कहानीकारों की फेहरिस्त में शामिल कर दिया। हर दौर की कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जो सिर्फ टिकट खिड़की पर कामयाबी हासिल नहीं करतीं, बल्कि दर्शकों की यादों में हमेशा के लिए बस जाती हैं। ये वही फिल्में हैं, जिन पर सालों बाद भी बहस होती है, सोशल मीडिया पर चर्चा होती है और जिन्हें लोग बार-बार देखना पसंद करते हैं। बीते डेढ़ दशक में भारतीय सिनेमा के कई निर्देशकों ने ऐसी ही फिल्में दी हैं, जो आज मॉडर्न कल्ट क्लासिक्स का दर्जा हासिल कर चुकी हैं। आदित्य धर की ‘धुरंधर’ ने छोड़ी गहरी छाप निर्देशक आदित्य धर ने ‘धुरंधर’ के जरिए साबित किया है कि वे बड़े कैनवास पर असरदार कहानियां पेश करने में माहिर हैं। दमदार एक्शन, जज्बाती पहलू और मजबूत किरदारों से सजी यह फिल्म दर्शकों को शुरुआत से अंत तक बांधे रखती है। फिल्म का भावनात्मक पक्ष भी उतना ही मजबूत है, जितना इसका भव्य प्रस्तुतीकरण। यही वजह है कि ‘धुरंधर’ को एक यादगार सिनेमाई अनुभव माना जा रहा है। ‘जवान’ के साथ एटली ने बदला मास एंटरटेनमेंट का अंदाज शाहरुख खान स्टारर ‘जवान’ ने एटली को देश के सबसे चर्चित फिल्मकारों में शामिल कर दिया। जबरदस्त एक्शन, इमोशन और सामाजिक संदेश के मेल ने फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार दिलाया। सिनेमाघरों से लेकर सोशल मीडिया तक ‘जवान’ की गूंज सुनाई दी। अब दर्शकों को उनकी अगली फिल्म ‘राका’ का बेसब्री से इंतजार है। ‘बाहुबली’ ने एसएस राजामौली को बनाया ग्लोबल पहचान का चेहरा एस. एस. राजामौली की ‘बाहुबली’ सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि हिंदुस्तानी सिनेमा का एक अहम पड़ाव साबित हुई। विशाल दुनिया, भव्य युद्ध दृश्य और शानदार कहानी ने इसे दुनियाभर में लोकप्रिय बनाया। इस फिल्म ने भारतीय सिनेमा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई और बड़े पैमाने की फिल्मों के लिए नए मानक तय किए। ‘रॉकस्टार’ आज भी युवाओं के दिलों की धड़कन इम्तियाज़ अली की ‘रॉकस्टार’ एक पूरी पीढ़ी के लिए सिर्फ फिल्म नहीं बल्कि एक एहसास बन चुकी है। प्यार, दर्द, जुनून और खुद को तलाशने की कहानी ने दर्शकों के दिलों को गहराई से छुआ। रणबीर कपूर की यादगार अदाकारी और ए.आर. रहमान के संगीत ने इसे एक अमर पहचान दी। ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ ने बदली गैंगस्टर फिल्मों की तस्वीर अगर मॉडर्न कल्ट क्लासिक्स की बात हो तो अनुराग कश्यप की ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ हिंदुस्तानी सिनेमा की सबसे प्रभावशाली फिल्मों में गिनी जाती है। सत्ता, बदला और विरासत की इस कहानी ने गैंगस्टर जॉनर को नया रंग दिया। इसके किरदार, संवाद और कहानी आज भी पॉप-कल्चर का अहम हिस्सा बने हुए हैं। ‘रांझणा’ ने प्यार और जुनून की नई कहानी लिखी आनंद एल. राय की ‘रांझणा’ उन फिल्मों में शामिल है, जिन्होंने दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। एकतरफा मोहब्बत, जज्बात, सियासत और जुनून के मेल ने इसे एक अलग पहचान दी। फिल्म के कई दृश्य और किरदार आज भी लोगों की यादों में ताजा हैं, जिसने 'रांझणा' को एक मॉडर्न कल्ट क्लासिक का दर्जा दिया हुआ है। एक पीढ़ी की सिनेमाई विरासत ट्रेंड्स और पसंद समय के साथ बदलते रहते हैं लेकिन कुछ फिल्में हर दौर में प्रासंगिक बनी रहती हैं। ‘धुरंधर’, ‘जवान’, ‘बाहुबली’, ‘रॉकस्टार’, ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ और ‘रांझणा’ जैसी फिल्में सिर्फ सुपरहिट नहीं रहीं बल्कि उन्होंने एक पूरी पीढ़ी की सिनेमाई सोच को आकार दिया। यही वजह है कि ये फिल्में आज भी दर्शकों की पसंदीदा सूची में शामिल हैं और आने वाली पीढ़ियों तक अपनी विरासत पहुंचा रही हैं।