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मुंबई। अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिशों की खबरों के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आने के बावजूद आईटी एवं बैंकिंग सेक्टरों में बिकवाली का जोर रहने से घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को प्रमुख सूचकांक गिरावट में रहे और बीएसई का सेंसेक्स 238 अंक नीचे बंद हुआ। सेंसेक्स 238.41 अंक (0.31 प्रतिशत) टूटकर 77,470.11 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 50.80 अंक यानी 0.21 प्रतिशत की गिरावट में 24,187.70 अंक पर रहा। प्रमुख सूचकांकों के विपरीत वृहत बाजारों में तेजी र बड़े शेयरों पर दबाव, छोटे शेयरों ने दिखाई ताकत हालांकि बड़ी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी रही, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने निवेशकों को राहत दी। निफ्टी मिडकैप-50 इंडेक्स 0.28 फीसदी और स्मॉलकैप-100 इंडेक्स 0.53 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए, जिससे बाजार के व्यापक हिस्से में खरीदारी का रुझान देखने को मिला। किन सेक्टरों में रही सबसे ज्यादा बिकवाली? मंगलवार के कारोबार में आईटी, सार्वजनिक बैंक, वित्त, एफएमसीजी, ऑयल एंड गैस और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर दबाव में रहे। वहीं ऑटो, मेटल, केमिकल, फार्मा, रियल्टी और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इन शेयरों ने निवेशकों को कराया मुनाफा सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फिनसर्व करीब 2 फीसदी की बढ़त के साथ सबसे बड़ा गेनर रहा। इसके अलावा इंडिगो, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचसीएल टेक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर 1 से 2 फीसदी तक चढ़े। टाइटन, मारुति सुजुकी, बीईएल, टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, एनटीपीसी और सन फार्मा भी बढ़त के साथ बंद हुए। इन दिग्गज शेयरों ने बढ़ाया बाजार पर दबाव दूसरी ओर एचडीएफसी बैंक का शेयर 2 फीसदी से ज्यादा टूट गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज, एसबीआई, टीसीएस, इंफोसिस और ट्रेंट के शेयरों में 1 से 1.5 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई। पावरग्रिड और आईटीसी के शेयर भी लाल निशान में बंद हुए। बाजार क्यों रहा दबाव में बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट सकारात्मक संकेत थी, लेकिन आईटी और बैंकिंग सेक्टर में मुनाफावसूली का दबाव अधिक रहने से बाजार संभल नहीं सका। यही वजह रही कि दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए।