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भागलपुर। बिहार में भागलपुर जिले के बाइपास थाना क्षेत्र में कजरैली रोड के समीप एक भीषण सड़क हादसे में तीन युवा दोस्तों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने रविवार को बताया कि तीनों दोस्त एक नई पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार होकर घूमने निकले थे तभी जीरोमाइल की ओर जाते समय सामने से आ रही तेज रफ्तार यात्री बस ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भयानक था कि एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। टक्कर इतनी तेज कि बस के नीचे जा घुसे युवक प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तीनों युवक बाइक से जीरोमाइल की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित बस ने उन्हें सीधी टक्कर मार दी। टक्कर की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि मोटरसाइकिल सवार युवक बस के निचले हिस्से में जा घुसे। हादसे के तुरंत बाद 18 वर्षीय अंशु कुमार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दो घायल अस्पताल पहुंचे, लेकिन नहीं बच सकी जान हादसे के बाद स्थानीय लोगों और मौके पर पहुंची पुलिस ने गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों को अस्पताल भेजा। 18 वर्षीय आशुतोष कुमार को जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल, मायागंज में भर्ती कराया गया जबकि 17 वर्षीय सावन कुमार को सदर अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। इस तरह कुछ ही समय के भीतर तीन दोस्तों की मौत ने तीन परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। बस छोड़कर फरार हुआ चालक हादसे के बाद बस को मौके पर छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए चालक फरार हो गया। बस में सवार यात्री भी घटना के बाद धीरे-धीरे वहां से निकल गए। सूचना मिलने पर बाइपास थानाध्यक्ष विकास कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक चालक फरार हो चुका था। बाद में ट्रैफिक थाने की पुलिस ने जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी की और तीनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया। मृतकों की हुई पहचान हादसे में मारे गए युवकों की पहचान बबरगंज थाना क्षेत्र के अलीगंज गंगटी निवासी देवेंद्र यादव के 18 वर्षीय पुत्र अंशु कुमार , अशोक पासवान के 17 वर्षीय पुत्र सावन कुमार और हबीबपुर दाउद बाट निवासी प्रेम कुमार पासवान के 18 वर्षीय पुत्र आशुतोष कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, तीनों दोस्त शनिवार की देर शाम अंशु की नई पल्सर बाइक पर सवार होकर घूमने निकले थे। अस्पताल की व्यवस्था पर परिजनों ने उठाए सवाल दो मृतकों के परिवारों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि अगर दोनों घायलों को समय पर तेज और बेहतर आपातकालीन इलाज मिल जाता, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी। इस हादसे ने तीन हंसते-खेलते परिवारों के सबसे छोटे बेटों को छीन लिया। आशुतोष कुमार मुस्लिम कॉलेज में बीए पार्ट वन का छात्र था और तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके पिता मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सावन कुमार इंटर का छात्र था और छह भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसके पिता राजमिस्त्री का काम करते हैं। वहीं, बाइक चला रहा अंशु कुमार मीरजान हाईस्कूल में इंटर का छात्र था और तीन भाइयों तथा तीन बहनों में सबसे छोटा था।