Full Story

मुंबई। अभिनेता परेश रावल के फिल्म ओएमजी-2 को लेकर लगाए गए आरोपों पर पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए निर्माता अश्विन वर्दे ने दावा किया कि फिल्म की स्क्रिप्ट को दूसरे नाम से बनाने की कोशिश हो रही थी, जिसे उनकी टीम ने रोकते हुए कानूनी और नैतिक तरीके से ओएमजी-2 का निर्माण किया। ' ओएमजी-2 ' की शुरुआत कैसे हुई? अश्विन वर्दे ने बताया कि लेखक-निर्देशक अमित राय से उनकी मुलाकात एक दूसरी फिल्म के दौरान हुई थी। बातचीत के दौरान अमित ने उन्हें एक कहानी सुनाई, जो आगे चलकर ओएमजी-2 बनी। पहली बार कहानी सुनते ही उन्हें लगा कि इसका ढांचा ओएमजी से काफी मिलता-जुलता है। 'परेश ने कहा था- आईपी मेरे पास है' वर्दे के मुताबिक, अमित राय ने उन्हें बताया था कि परेश रावल ने कहा था कि ओएमजी के आईपी (बौद्धिक संपदा) अधिकार उनके पास हैं और चिंता की कोई जरूरत नहीं है। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया था कि ओएमजी की आगे बनने वाली सभी फिल्मों को वही लिखेंगे और निर्देशित करेंगे। 'यह किसी और की फिल्म को नए नाम से बनाने की कोशिश थी' निर्माता का दावा है कि स्क्रिप्ट सुनने के बाद उन्हें समझ आ गया कि ओएमजी जैसी ही फिल्म किसी दूसरे नाम से बनाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने इसे अनैतिक और गैर-पेशेवर बताते हुए कहा कि यह किसी और की बौद्धिक संपदा का इस्तेमाल करने जैसा था इसलिए उनकी कंपनी ने स्क्रिप्ट के अधिकार खरीद लिए। 'सबने इसलिए मना किया क्योंकि यह ओएमजी जैसी थी' अश्विन वर्दे ने कहा कि परेश रावल ने पॉडकास्ट में यह तो बताया कि कई अभिनेताओं ने स्क्रिप्ट ठुकरा दी लेकिन यह नहीं बताया कि उन्होंने मना क्यों किया। उनके मुताबिक, ज्यादातर कलाकारों का मानना था कि यह ओएमजी जैसी ही फिल्म है और अक्षय कुमार की अनुमति के बिना इसका हिस्सा बनना सही नहीं होगा। 'सबसे पहले अक्षय कुमार को ही दिखाई स्क्रिप्ट' वर्दे ने बताया कि स्क्रिप्ट खरीदने के बाद उन्होंने सबसे पहले इसे अक्षय कुमार को दिखाने का फैसला किया क्योंकि उन्हें लगा कि यही नैतिक और कानूनी रूप से सही रास्ता है। उनका आरोप है कि परेश रावल लगातार चाहते थे कि अक्षय कुमार इस परियोजना से दूर रहें लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं होने दिया। 'दो महीने तक किया इंतजार, फिर आगे बढ़े' निर्माता ने कहा कि ओएमजी-2 में अभिनय के लिए सबसे पहले परेश रावल से ही संपर्क किया गया था। अक्षय कुमार ने भी उनसे बात कर उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फिल्म करने से इनकार कर दिया। करीब दो महीने इंतजार करने के बाद टीम ने दूसरे कलाकारों के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया। 'धोखा नहीं दिया बल्कि गलत काम होने से रोका' अश्विन वर्दे ने साफ कहा कि इस पूरी यात्रा में परेश रावल की भूमिका सिर्फ एक अभिनेता की थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि ओएमजी-2 में उन्हें निर्माता का क्रेडिट और तय भुगतान भी दिया गया जबकि फिल्म के निर्माण में उनका कोई योगदान नहीं था। उन्होंने कहा, "अगर हम किसी बात के दोषी हैं तो सिर्फ इस बात के कि हमने गलत तरीके से फिल्म बनने से रोका।"