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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अमेरिका-ईरान समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने के बावजूद आज कहा कि पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों पर फैसला अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति को देखते हुए तेल विपणन कंपनियां करेंगी। सरकार ने क्या कहा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर गुरुवार को आयोजित एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में कहा कि कच्चे तेल की कीमतें पहले 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं लेकिन अब उनमें गिरावट आ रही है।उन्होंने कहा कि तेल कंपनियां बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं और बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात के अनुरूप उचित निर्णय लेंगी। देश में ईंधन की सप्लाई पूरी तरह सामान्य सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोल, डीजल, प्राकृतिक गैस और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है। * सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। * पेट्रोल पंपों पर आपूर्ति सामान्य है। * गैस एजेंसियों के माध्यम से एलपीजी की डिलीवरी भी सुचारू रूप से जारी है। एलपीजी बैकलॉग घटकर 3.1 दिन पर आया सरकार के अनुसार घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति में बड़ा सुधार हुआ है। पिछले तीन दिनों में: * 1.36 करोड़ एलपीजी बुकिंग दर्ज की गईं। * 1.47 करोड़ सिलेंडरों की डिलीवरी की गई। एलपीजी बैकलॉग घटकर 3.1 दिन रह गया है। इसका मतलब है कि गैस सिलेंडर की आपूर्ति पहले की तुलना में अधिक तेज और व्यवस्थित हुई है। 40 से ज्यादा देशों से खरीदता है भारत कच्चा तेल श्रीमती शर्मा ने बताया कि भारत फिलहाल 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है। किस देश से तेल खरीदा जाएगा, यह कई बातों पर निर्भर करता है: * तेल की कीमत * रिफाइनरी में उसके उपयोग की क्षमता * आपूर्ति की विश्वसनीयता * व्यावसायिक व्यवहार्यता सरकार का कहना है कि खरीद का फैसला पूरी तरह तकनीकी और आर्थिक आधार पर किया जाता है। होर्मुज से सुरक्षित पहुंच रहा है एलएनजी पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि माल्टा के ध्वज वाला एलएनजी जहाज ‘दिशा’ 15 जून को सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है। करीब 62,370 टन एलएनजी लेकर आ रहा यह जहाज शुक्रवार को गुजरात के दाहेज बंदरगाह पहुंच सकता है। इससे देश की ऊर्जा आपूर्ति को और मजबूती मिलेगी। खाड़ी संकट के बीच 3,639 भारतीय नाविकों की मदद मंत्रालय ने यह भी बताया कि पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के बाद अब तक 3,639 भारतीय नाविकों को खाड़ी क्षेत्र से सुरक्षित स्वदेश लौटने में सहायता दी गई है।



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