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मुंबई। बड़े पर्दे पर इन दिनों जहां एक्शन, थ्रिल और भारी-भरकम मनोरंजन का दबदबा है, वहीं ‘मैक्स, मिन एंड म्याऊज़ाकी’ एक ऐसी फिल्म बनकर सामने आ रही है, जो दिल को छू लेने वाले एहसास, रिश्तों की नर्मी और परिवार की गर्माहट को अपने साथ लेकर आती है। हाल ही में रिलीज हुआ फिल्म का टीज़र इसी बात का सबूत देता है कि यह कहानी सिर्फ देखने के लिए नहीं, बल्कि महसूस करने के लिए बनाई गई है। टीज़र ने अपनी सादगी, अपनापन और भावनात्मक लम्हों से दर्शकों का दिल जीत लिया है। टीजर में दिखी प्यार, परिवार और अपनापन से भरी एक खूबसूरत दुनिया फिल्म का टीज़र दर्शकों को एक ऐसी दुनिया में ले जाता है, जहां आधुनिक रिश्ते, परिवार की उलझनें, मोहब्बत की बदलती परिभाषा और म्याऊज़ाकी नाम की एक प्यारी बिल्ली कहानी का अहम हिस्सा बनकर सामने आती है। यह टीज़र किसी बड़े ट्विस्ट या तेज-तर्रार ड्रामे का सहारा नहीं लेता, बल्कि बहुत ही नरमी से किरदारों की जिंदगी के उन लम्हों को छूता है, जिनमें असली जिंदगी की खुशबू बसती है। कहा जा रहा है कि म्याऊज़ाकी नाम मशहूर जापानी फिल्मकार हायाओ मियाज़ाकी से प्रेरित है, और यही बात फिल्म के इस खास किरदार को और दिलचस्प बना देती है। छोटे-छोटे पलों में छिपी है बड़ी भावनाओं की कहानी टीजर कहानी के बारे में सब कुछ नहीं बताता, लेकिन इतना जरूर जता देता है कि यह फिल्म रिश्तों की बदलती तस्वीर को बेहद खूबसूरती से पेश करने वाली है। इसमें साथ बैठकर खाना खाना, सड़क यात्राएं, पारिवारिक समारोह, हंसी-मजाक, चुप्पियां, दूरी, नजदीकियां और फिर दोबारा जुड़ने की कोशिश जैसे कई छोटे-छोटे लम्हे दिखाई देते हैं। यही लम्हे इस फिल्म को खास बनाते हैं। इन सबके बीच म्याऊज़ाकी सिर्फ एक पालतू बिल्ली नहीं लगती, बल्कि जैसे वह कहानी के हर किरदार को किसी अदृश्य धागे से जोड़ने वाली भावनात्मक कड़ी हो। टीजर की सादगी ही उसकी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी आजकल फिल्मों के टीजर अक्सर बड़े खुलासों, ऊंची आवाज़ और चौंकाने वाले विजुअल्स से भरे होते हैं, लेकिन ‘मैक्स, मिन एंड म्याऊज़ाकी’ ने एक बिल्कुल अलग रास्ता चुना है। इसका टीज़र बहुत सादा है, लेकिन यही सादगी इसे असरदार बनाती है। रिश्ते बेहद असली लगते हैं, भावनाएं बिना किसी बनावटीपन के सामने आती हैं और बैकग्राउंड में बजता मधुर संगीत पूरे माहौल को और भी ज्यादा दिलकश बना देता है। मुंबई की बारिश में भीगी कहानी, जो बदलाव और अपनापन दोनों को साथ लेकर चलती है फिल्म की पृष्ठभूमि मुंबई और वहां का खूबसूरत मानसून है, जो इस कहानी को एक अलग ही रंग देता है। टीज़र से साफ महसूस होता है कि यह कहानी सिर्फ परिवार के बिखरने और जुड़ने की नहीं, बल्कि उन अनपेक्षित मुलाकातों और बदलावों की भी है, जो इंसान की जिंदगी को नया मोड़ दे देते हैं। यह फिल्म शायद वही बात कहने जा रही है कि जिंदगी में कुछ रिश्ते वक्त के साथ बदलते जरूर हैं, लेकिन उनका असर कभी खत्म नहीं होता। युवा और अनुभवी कलाकारों की मजबूत टीम, जो कहानी में डालेगी जान फिल्म में मेधा शंकर, सिद्धार्थ मेनन और विधात्री बांदी जैसे प्रतिभाशाली युवा कलाकार नजर आएंगे, वहीं उनके साथ आदिल हुसैन, मंदिरा बेदी, नासर और नफीसा अली जैसे सीनियर कलाकार भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। टीजर देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि फिल्म की ताकत सिर्फ उसकी कहानी ही नहीं, बल्कि उसके किरदार भी होंगे। समीक्षा ओसवाल और शेल ओसवाल का खास विजन, फिल्म में गूंजेगी अपनापन की आवाज़ फिल्म के साथ समीक्षा ओसवाल और शेल ओसवाल निर्माता और प्रस्तुतकर्ता के तौर पर जुड़े हैं। खास बात यह है कि शेल ओसवाल ने फिल्म के लिए अपनी आवाज़ भी दी है। ऐसे दौर में, जब सोशल मीडिया की भागदौड़ में परिवार और रिश्तों की सहजता कहीं खोती जा रही है, यह फिल्म उसी अपनापन और भावनात्मक जुड़ाव को फिर से जिंदा करने की कोशिश करती दिखती है। 24 जुलाई को सिनेमाघरों में दस्तक देगी यह दिल छू लेने वाली कहानी पद्मकुमार नरसिम्हामूर्ति के लेखन और निर्देशन में बनी ‘मैक्स, मिन एंड म्याऊज़ाकी’ इंसानों और उनके प्यारे फर वाले साथी के रिश्ते को बेहद संवेदनशील और खूबसूरत अंदाज में पेश करने वाली फिल्म है। एसएसओ प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी इस फिल्म को समीक्षा ओसवाल और शेल ओसवाल ने प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म 24 जुलाई को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। टीजर देखें: https://youtu.be/VXc-BdBBgoo