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मुंबई। भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को पूरे दिन सुस्त कारोबार के बाद शुरुआती बढ़त गंवाकर गिरावट के साथ बंद हुआ। बीएसई का सेंसेक्स 69.86 अंक टूटकर 76,765.92 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई का निफ्टी 50 भी 10.60 अंक फिसलकर 23,985.35 के स्तर पर आ गया। हालांकि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली लेकिन विदेशी निवेशकों की बिकवाली, दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में भारी गिरावट और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले निवेशकों की सतर्कता के कारण बाजार दबाव में रहा। शुरुआती तेजी टिक नहीं सकी कारोबार की शुरुआत सकारात्मक रही, लेकिन दिन चढ़ने के साथ बाजार ने अपनी बढ़त गंवा दी। पिछले कारोबारी सत्र में आई तेज तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा खरीददारी सेंसेक्स के 30 शेयरों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। सबसे ज्यादा तेजी टीसीएस, इटरनल, टेक महिंद्रा, इंफोसिस और टाइटन के शेयरों में रही। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों में मजबूत खरीदारी के कारण निफ्टी सूचना प्रौद्योगिकी सूचकांक 3.35 प्रतिशत तक उछल गया। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी सूचकांक में 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। वहीं ऑटो, फार्मा, हेल्थकेयर और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु क्षेत्र के सूचकांक भी बढ़त के साथ बंद हुए। हिंदुस्तान यूनिलीवर, एनटीपीसी और आईसीआईसीआई बैंक में बिकवाली दूसरी ओर हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल), बीईएल, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक और पावर ग्रिड के शेयर सबसे ज्यादा टूटे। क्षेत्रवार कारोबार में निफ्टी एफएमसीजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (पीएसयू बैंक) सूचकांक में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट रही। वहीं मीडिया, धातु, निजी बैंक और तेल एवं गैस क्षेत्र के सूचकांक भी लाल निशान पर बंद हुए। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का मिला-जुला रुख मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक 0.10 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक 0.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। बाजार में गिरावट की बड़ी वजहें मंगलवार की गिरावट के पीछे कई कारण रहे। सबसे बड़ा असर दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार से आया, जहां कोस्पी सूचकांक 10.73 प्रतिशत टूटकर 6,031.38 अंक पर पहुंच गया। इतनी बड़ी गिरावट के कारण वहां के शेयर बाजार में करीब 20 मिनट के लिए कारोबार रोकना पड़ा। इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर प्रौद्योगिकी और चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों पर पड़ा, जिससे वैश्विक बाजारों का माहौल भी कमजोर हो गया। इसके अलावा इस सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व (एफओएमसी) की नीतिगत बैठक से पहले निवेशक सतर्क बने हुए हैं। ब्याज दरों को लेकर आने वाले फैसले का इंतजार भी बाजार पर दबाव बनाए हुए है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बढ़ा दबाव विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) लगातार भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली कर रहे हैं और घरेलू बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी के कारण बाजार की धारणा कमजोर रही। यही वजह रही कि सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों में जोरदार खरीदारी के बावजूद सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त बनाए नहीं रख सके और गिरावट के साथ बंद हुए।