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पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऐलान किया कि योग को जन-जन तक पहुंचाने और नई पीढ़ी को स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने के लिए अगले वर्ष से राज्य के स्कूलों और कॉलेजों के पाठ्यक्रम में योग को शामिल किया जाएगा। श्री चौधरी ने शनिवार को यहां पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में ऐलान किया, “अगले वर्ष से राज्य के स्कूलों और कॉलेजों के पाठ्यक्रम में योग को शामिल किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य योग को सिर्फ एक कार्यक्रम तक सीमित रखना नहीं बल्कि उसे हर घर और हर व्यक्ति तक पहुंचाना है ताकि लोग स्वस्थ, खुशहाल और तनावमुक्त जीवन जी सकें। "योग भारत की अमूल्य विरासत, दुनिया को दिया जीवन जीने का मंत्र" मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन और अमूल्य सांस्कृतिक विरासत है, जो स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का आधार बनती है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक सम्पूर्ण पद्धति है, जो व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाती है। उन्होंने कहा कि बिहार का मुंगेर आज भी योग की वैश्विक पहचान बना हुआ है, जहां देश-विदेश से लोग योग सीखने आते हैं और फिर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में इसका प्रचार-प्रसार करते हैं। अगले साल से स्कूल और कॉलेज के सिलेबस में योग श्री चौधरी ने कहा कि बिहार के स्कूलों और कॉलेजों में पहले से शारीरिक प्रशिक्षण की व्यवस्था है लेकिन अब योग को और व्यापक रूप से बढ़ावा देने के लिए इसे पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि योग हर घर तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से अगले वर्ष से राज्य के विद्यालयों और महाविद्यालयों के पाठ्यक्रम में योग को शामिल किया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी बचपन से ही स्वस्थ जीवनशैली को अपनाए।" "योग से बेहतर और सस्ता इलाज कोई नहीं" मुख्यमंत्री ने लोगों से नियमित योग करने की अपील करते हुए कहा कि बिना किसी खर्च के स्वस्थ और लंबा जीवन जीने का सबसे आसान और सटीक तरीका योग है। उन्होंने कहा कि लोग अपनी 24 घंटे की दिनचर्या में कुछ समय योग के लिए जरूर निकालें। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ रहता है, मन शांत रहता है और व्यक्ति तनावमुक्त जीवन जी सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि वह स्वयं प्रतिदिन सुबह टहलते हैं और योग करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर लोग योग को अपनी आदत बना लें तो कई बीमारियों से बचा जा सकता है। प्रधानमंत्री मोदी की पहल से योग को मिली वैश्विक पहचान श्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की वजह से आज योग को पूरी दुनिया में नई पहचान मिली है। वर्ष 2014 से लगातार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है और आज दुनिया के अनेक देशों में लोग उत्साह के साथ योग दिवस में भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि योग ने भारत की सांस्कृतिक विरासत को विश्व मंच पर नई प्रतिष्ठा दिलाई है और भारत की सॉफ्ट पावर को मजबूत किया है। बड़ी संख्या में लोगों ने लिया योगाभ्यास में हिस्सा इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह एवं रामनाथ ठाकुर, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार समेत कई जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, खिलाड़ी, योग प्रशिक्षक, विद्यार्थी और आम नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में हजारों लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। स्वस्थ बिहार के लिए योग अपनाने की अपील मुख्यमंत्री ने सभी लोगों से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की और कहा कि स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और विकसित बिहार का निर्माण कर सकता है। योग केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि एक बेहतर और समृद्ध समाज की नींव भी है।