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नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज और 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जिताने वाले कप्तान अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट समेत सभी फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा करते हुए कहा कि अब क्रिकेट को अलविदा कहने का यही सही समय है। वीडियो संदेश में बोले- हर शुरुआत का एक अंत होता है संन्यास का ऐलान करते हुए रहाणे ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा, "जिंदगी की सच्चाई यही है कि हर चीज की शुरुआत होती है और उसका अंत भी होता है। जब समय आता है तो उसका सम्मान करना चाहिए और आगे बढ़ जाना चाहिए। मैंने अपनी बल्लेबाजी में हमेशा टाइमिंग पर भरोसा किया है। आज मुझे लगता है कि इंटरनेशनल क्रिकेट और सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने का यही सही समय है।" ऑस्ट्रेलिया में लिखी कप्तानी की सबसे सुनहरी कहानी रहाणे के करियर का सबसे यादगार अध्याय 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर लिखा गया। एडिलेड टेस्ट में भारत के महज 36 रन पर ऑलआउट होने और विराट कोहली के स्वदेश लौटने के बाद रहाणे ने कप्तानी संभाली। मेलबर्न टेस्ट में शानदार शतक जड़कर उन्होंने टीम इंडिया को ऐतिहासिक जीत दिलाई और सीरीज 1-1 से बराबर कराई। इसके बाद उनकी कप्तानी में भारत ने गाबा टेस्ट जीतकर ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से सीरीज में हराया और उसके घर में 32 साल से चला आ रहा अजेय रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। यह जीत भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जाती है। टेस्ट क्रिकेट के भरोसेमंद बल्लेबाज रहे रहाणे आईसीसी ने बताया कि अजिंक्य रहाणे ने भारत के लिए 195 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले और तीनों फॉर्मेट में टीम का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 85 टेस्ट मैचों में 5,077 रन बनाए, जिसमें 12 शतक शामिल हैं। विदेशी सरजमीं पर कठिन परिस्थितियों में उनकी कई पारियां भारतीय क्रिकेट के इतिहास में हमेशा याद की जाएंगी। भारत के लिए उनका आखिरी टेस्ट मुकाबला आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2023 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रहा, जहां उन्होंने पहली पारी में 89 रन बनाकर टीम के सबसे सफल बल्लेबाज रहे। 2011 में डेब्यू, 2023 में खत्म हुआ अंतरराष्ट्रीय सफर रहाणे ने अगस्त 2011 में इंग्लैंड दौरे पर टी-20 और वनडे क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की। उन्होंने मार्च 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना पहला टेस्ट खेला और जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना आखिरी टेस्ट मैच खेलकर अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत किया। वनडे में उनका आखिरी मैच 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ, जबकि टी-20 अंतरराष्ट्रीय में आखिरी मुकाबला 2016 में वेस्टइंडीज के खिलाफ था। शालीनता, संघर्ष और भरोसे का दूसरा नाम रहे रहाणे अजिंक्य रहाणे उन चुनिंदा खिलाड़ियों में रहे, जिन्होंने सुर्खियों से ज्यादा अपने प्रदर्शन को महत्व दिया। जब भी टीम इंडिया मुश्किल में फंसी, रहाणे ने अपनी शांत बल्लेबाजी और संयमित नेतृत्व से जिम्मेदारी निभाई। उनका करियर केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि ऑस्ट्रेलिया में मिली ऐतिहासिक जीत, विदेशी पिचों पर खेली गई जुझारू पारियां और मैदान पर उनका विनम्र व्यवहार उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे सम्मानित खिलाड़ियों में हमेशा शामिल रखेगा।



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