Full Story

पटना। बिहार की राजधानी पटना स्थित एक सत्र अदालत ने दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर एक विवाहिता की हत्या के जुर्म में आज उसके पति को सात वर्षों के सश्रम कारावास के साथ ही 5000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दहेज हत्या और साक्ष्य नष्ट करने के प्रयास में दोषी जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन सहाय ने मामले में सुनवाई के बाद नालंदा जिले के अस्थामा थाना क्षेत्र निवासी रवि शंकर पंडित को दहेज हत्या एवं साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास करने के जुर्म में भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं में दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को दो माह के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी। पांच लाख रुपये और मोटरसाइकिल के लिए प्रताड़ित करने का आरोप मामले के अपर लोक अभियोजक दिलीप कुमार राय ने बताया कि वर्ष 2019 में पीड़िता मीना कुमारी का विवाह दोषी के साथ हुआ था तथा उसके तीन बच्चे भी थे लेकिन पाँच लाख रूपए और एक मोटरसाइकिल के लिए उसे दोषी हमेशा प्रताड़ित करता था। और फिर दहेज की मांग पूरा नहीं होने के कारण वर्ष 2024 में दोषी ने उसकी हत्या कर सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को रेलवे लाइन पर फेंक दिया था। मामले की प्राथमिकी बिहार शरीफ के रेल थाना में दर्ज की गई थी। अभियोजन ने आरोप साबित करने के लिए इस मामले में 15 गवाहों का बयान अदालत में कलमबंद करवाया था।