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मुंबई। ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में स्टंट के दौरान डर का सामना करने के बाद ओरी ने शो के होस्ट रोहित शेट्टी के नाम एक बेहद ईमानदार और आत्मविश्लेषी नोट साझा किया है। ओरी ने स्वीकार किया कि उनके भीतर स्टंट जीतने का आत्मविश्वास भले ही नहीं था लेकिन डर के बावजूद आगे बढ़कर उसे करने का साहस उन्होंने जरूर जुटाया। अपने अनुभव को उन्होंने मजाक, आलोचना और हार से जोड़ते हुए बेहद खुले अंदाज में साझा किया और आखिर में अपनी वायरल लाइन के साथ कहा, “एक्शन हीरो बनते-बनते माधुरी दीक्षित बन गए लेकिन इसका कोई पछतावा नहीं है।” स्टंट के सामने डर पड़ा भारी, लेकिन पीछे नहीं हटे ओरी ओरी ने ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में अपने हालिया स्टंट अनुभव को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने उस पल को याद किया, जब डर उन पर हावी हो गया था। ओरी ने माना कि उन्हें इस बात का भरोसा नहीं था कि वह स्टंट जीत पाएंगे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने चुनौती स्वीकार की और आगे बढ़कर स्टंट करने का साहस दिखाया। उनके मुताबिक, किसी चुनौती में जीत हासिल करना ही सबकुछ नहीं है। कई बार डर के बावजूद उस चुनौती का सामना करना और अपना काम पूरा करने की कोशिश करना भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। हार छुपाई नहीं, खुले दिल से अपनाई अपने भावुक नोट में ओरी ने हार के साथ उससे जुड़े मजाक और सार्वजनिक आलोचना का भी जिक्र किया। उन्होंने इस अनुभव से बचने या इसे छिपाने के बजाय इसे खुले दिल से स्वीकार करने की बात कही। ओरी का कहना है कि हर स्टंट जीतना जरूरी नहीं होता। चुनौती के सामने खड़े होना और डर के बावजूद आगे बढ़ना भी अपने आप में मायने रखता है। यही सोच उनके पूरे नोट में दिखाई देती है। लिंडसे लोहान की सलाह भी आई याद इस पूरे अनुभव को ओरी ने सिर्फ गंभीर अंदाज में नहीं देखा, बल्कि अपने जाने-पहचाने मजाकिया अंदाज को भी बरकरार रखा। इस दौरान उन्होंने अभिनेत्री लिंडसे लोहान से मिली एक सलाह को याद किया। ओरी के मुताबिक, एक एंटरटेनर का काम केवल कैमरे के सामने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कैमरे के बाहर भी जारी रहता है। लोग हंसें, ट्रोल करें, आलोचना करें या मजाक उड़ाएं—एक शर्मनाक पल को भी मनोरंजन में बदल देना उनके पेशे का हिस्सा है। ट्रोलिंग को भी मनोरंजन में बदलना जानते हैं ओरी ओरी ने साफ किया कि वह लोगों के मजाक और आलोचना से अपने अनुभव को छिपाने के बजाय उसे स्वीकार करना पसंद करते हैं। उनके लिए किसी असहज या शर्मिंदगी वाले पल को भी मनोरंजन में बदल देना प्रोफेशनलिज्म का हिस्सा है। यही वजह है कि स्टंट उनके मुताबिक नहीं जाने के बावजूद उन्होंने पूरे घटनाक्रम को हल्के-फुल्के अंदाज में लिया और खुद पर हंसने से भी पीछे नहीं हटे। ‘एक्शन हीरो बनते-बनते माधुरी दीक्षित बन गए’ अपने नोट के आखिर में ओरी ने उसी अंदाज में बात खत्म की, जिसके लिए वह अक्सर चर्चा में रहते हैं। उन्होंने अपने अब वायरल हो चुके वाक्य के साथ लिखा कि एक्शन हीरो बनते-बनते माधुरी दीक्षित बन गए, लेकिन कोई पछतावा नहीं। यह लाइन उनके पूरे अनुभव का मजाकिया पहलू सामने लाती है। स्टंट में जो हुआ, उसे लेकर निराश होने के बजाय ओरी ने उसे स्वीकार किया और अपने ही अंदाज में उसका मजाक भी बनाया।