Full Story

सुपौल: जमीन से जुड़े मामलों में लोगों को हो रही परेशानी को गंभीरता से लेते हुए सुपौल के जिलाधिकारी (डीएम) सावन कुमार ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए चेतावनी दी है कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-नापी, बासगीत पर्चा, भूमि कब्जा प्रमाण-पत्र और जन शिकायतों सहित सभी लंबित मामलों का समय से और प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए नहीं तो अनावश्यक देरी करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। दाखिल-खारिज के हजारों मामले अब भी लंबित समीक्षा बैठक में बताया गया कि 1 अप्रैल से 31 जुलाई 2026 के बीच जिले में 62,336 दाखिल-खारिज आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 46,290 मामलों का निष्पादन किया गया, जबकि 5,688 आवेदन विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं। इसके अलावा 621 आवेदन तय समय-सीमा से अधिक समय से लंबित पाए गए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक लंबित आवेदन की कारणवार समीक्षा कर उसका शीघ्र निपटारा किया जाए। 35, 75 और 120 दिन से लंबित मामलों पर विशेष अभियान समीक्षा में यह भी सामने आया कि जिले में 11,528 दाखिल-खारिज वाद विचाराधीन रहे, जिनमें 7,262 मामलों का निपटारा हुआ। डीएम ने 35, 75 और 120 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों पर नाराजगी जताते हुए सभी अंचल अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर इन्हें जल्द समाप्त करने का निर्देश दिया। ई-नापी और परिमार्जन के मामलों में भी तेजी के निर्देश जिले में 20,891 ई-नापी आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 20,248 आवेदन स्वीकार किए गए। अब तक 11,604 मापी प्रतिवेदन आवेदकों को उपलब्ध कराए जा चुके हैं। वहीं डिजिटाइज्ड जमाबंदी में त्रुटि सुधार (परिमार्जन प्लस) के 23,043 मामलों में से 15,955 तथा छूटी हुई जमाबंदी जोड़ने के 5,342 मामलों में से 2,886 का निपटारा किया गया है। डीएम ने इन सभी लंबित मामलों को अभियान चलाकर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। बासगीत पर्चा वितरण की रफ्तार बढ़ाने का निर्देश बैठक में बताया गया कि 1,785 सर्वेक्षणों के मुकाबले अब तक केवल 685 पात्र लाभुकों को बासगीत पर्चा दिया जा सका है। जिलाधिकारी ने पात्र परिवारों का सर्वेक्षण, भूमि आवंटन और पर्चा वितरण में तेजी लाने को कहा, ताकि गरीब और भूमिहीन परिवारों को समय पर लाभ मिल सके। भूमि कब्जा प्रमाण-पत्र में बेहतर प्रदर्शन भूमि कब्जा प्रमाण-पत्र के मामलों में जिले का प्रदर्शन संतोषजनक पाया गया। कुल 50,093 मामलों में से 50,060 का निष्पादन किया जा चुका है, जो करीब 99.93 प्रतिशत है। डीएम ने इस कार्य की सराहना करते हुए इसी गति को बनाए रखने का निर्देश दिया। जन शिकायतों का भी होगा समय पर समाधान जिलाधिकारी ने जन शिकायत पोर्टल पर लंबित मामलों की भी समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व सेवाओं में देरी से आम लोगों को सबसे अधिक परेशानी होती है, इसलिए प्रत्येक सेवा की नियमित निगरानी की जाएगी। लापरवाही पर होगी कार्रवाई डीएम श्री कुमार ने स्पष्ट कहा कि राजस्व सेवाओं में समय-सीमा का सख्ती से पालन कराया जाएगा। लंबित मामलों की लगातार समीक्षा होगी और संतोषजनक प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।