Full Story
नई दिल्ली। सीमेंट और बिजली समेत कुछ क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन के दम पर देश के नौ प्रमुख उद्योगों के उत्पादन सूचकांक में अगस्त में सालाना आधार पर 4.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, हालांकि उर्वरक, प्राकृतिक गैस, कोयला और कच्चे तेल के उत्पादन में गिरावट के कारण यह मई के बाद प्रमुख उद्योगों का सबसे कमजोर प्रदर्शन रहा। जुलाई के मुकाबले सुस्त पड़ी उद्योगों की रफ्तार वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में नौ प्रमुख उद्योगों के उत्पादन में एक साल पहले की तुलना में 4.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, पिछले महीनों के आंकड़ों से तुलना करें तो उद्योगों की वृद्धि की रफ्तार धीमी पड़ी है। जुलाई में उत्पादन में सालाना आधार पर पांच प्रतिशत और जून में छह प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। इस लिहाज से अगस्त का प्रदर्शन इस साल मई के बाद सबसे कमजोर रहा। सीमेंट ने लगाई 12.5% की छलांग अगस्त में प्रमुख उद्योगों में सीमेंट का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा। इसका उत्पादन एक साल पहले के मुकाबले 12.5 प्रतिशत बढ़ गया।बिजली उत्पादन में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई और यह 11.6 प्रतिशत बढ़ा। इसके अलावा लौह अयस्क का उत्पादन पांच प्रतिशत , इस्पात का 3.4 प्रतिशत और रिफाइनरी उत्पादों का उत्पादन 2.6 प्रतिशत बढ़ा। इस तरह सीमेंट और बिजली की दोहरे अंक की वृद्धि ने अगस्त में प्रमुख उद्योगों के उत्पादन को बड़ा सहारा दिया। उर्वरक उत्पादन में 12.4% की बड़ी गिरावट दूसरी तरफ कुछ उद्योगों के लिए अगस्त के आंकड़े कमजोर रहे। सबसे तेज गिरावट उर्वरक उत्पादन में दर्ज की गई, जो पिछले साल के मुकाबले 12.4 प्रतिशत घट गया। उर्वरक उत्पादन में इससे पिछले महीने भी कमजोरी रही थी। जुलाई में इसमें आठ प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और कोयला भी कमजोर अगस्त में कच्चे तेल का उत्पादन 3.6 प्रतिशत कम हुआ। हालांकि जुलाई की तुलना में इसकी गिरावट की रफ्तार कुछ कम रही, क्योंकि उस महीने कच्चे तेल के उत्पादन में 5.3 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई थी। प्राकृतिक गैस का उत्पादन अगस्त में 4.9 प्रतिशत घटा, जबकि जुलाई में इसमें तीन प्रतिशत की गिरावट रही थी। कोयला उत्पादन भी अगस्त में 3.8 प्रतिशत कम हुआ। यहां जुलाई के मुकाबले तस्वीर पलट गई, क्योंकि जुलाई में कोयले का उत्पादन 7.6 प्रतिशत बढ़ा था। अप्रैल-अगस्त में प्रमुख उद्योगों की वृद्धि 4.3% चालू वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों यानी अप्रैल से अगस्त के दौरान नौ प्रमुख उद्योग क्षेत्रों के उत्पादन में कुल 4.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह पिछले साल की समान अवधि में दर्ज 2.4 प्रतिशत की वृद्धि से अधिक है। पांच महीने के आंकड़ों में लौह अयस्क सबसे आगे रहा और इसके उत्पादन सूचकांक में 21.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद सीमेंट उत्पादन में 10.3 प्रतिशत , बिजली में 9.6 प्रतिशत और इस्पात में 4.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। पांच महीने में इन क्षेत्रों का उत्पादन घटा अप्रैल से अगस्त के दौरान कई प्रमुख उद्योगों के उत्पादन में गिरावट भी दर्ज की गई। इस अवधि में उर्वरक उत्पादन 6.7 प्रतिशत कम हुआ। इसके अलावा प्राकृतिक गैस में 4.4 प्रतिशत , कच्चे तेल में 4.1 प्रतिशत , कोयले में 3.2 प्रतिशत और रिफाइनरी उत्पादन में 1.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।



Comments
0