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पटना, 07 मई (आईएनआई) बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की नई सरकार बनने के 22 दिन बाद गुरुवार को मंत्रिमंडल का विस्तार करने के साथ ही विभागों का भी बंटवारा कर दिया गया। प्रदेश के ऐतिहासिक गांधी गांधी मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह एवं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में कुल 32 मंत्रियों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 15, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के 13, लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा-रामविलास) के दो तथा हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के एक-एक मंत्री शामिल हैं। बिहार सरकार ने मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर सिर्फ प्रशासनिक जिम्मेदारियां नहीं सौंपी हैं, बल्कि इसके जरिए आने वाले समय की अपनी राजनीतिक और विकासात्मक रणनीति भी साफ कर दी है। नई सूची में जहां सत्ता के सबसे मजबूत विभाग मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास रखे गए हैं, वहीं रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और ग्रामीण विकास जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को भी अलग-अलग नेताओं के भरोसे देकर सरकार ने कई बड़े संकेत दिए हैं। सबसे ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मिले विभागों की हो रही है। सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन और सिविल विमानन जैसे विभाग सीधे तौर पर सरकार की शक्ति और नियंत्रण से जुड़े माने जाते हैं। इसके अलावा जो विभाग किसी मंत्री को आवंटित नहीं किए गए हैं, वे भी मुख्यमंत्री के अधीन रहेंगे। राजनीतिक जानकार इसे सरकार के भीतर मजबूत प्रशासनिक पकड़ और फैसलों पर सीधा नियंत्रण बनाए रखने की रणनीति मान रहे हैं। वहीं, वित्त और वाणिज्य-कर जैसे अहम विभाग उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव को सौंपे गए हैं। राज्य की आर्थिक स्थिति, राजस्व संग्रह और विकास योजनाओं के लिए यह विभाग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। दूसरी ओर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को जल संसाधन और संसदीय कार्य विभाग देकर सरकार ने अनुभव पर भरोसा जताया है। जदयू के श्री श्रवण कुमार को एक बार फिर से ग्रामीण विकास विभाग की जिम्मेवारी सौंपी गई है। साथ ही उन्हें सूचना एवं जनसंपर्क विभाग भी दिया गया है। शिक्षा और युवाओं पर भी सरकार का खास फोकस दिखा है। श्री मिथिलेश तिवारी को शिक्षा विभाग, श्री संजय सिंह टाइगर को उच्च शिक्षा एवं विधि विभाग, शीला कुमारी को विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग सौंपा गया है। स्वास्थ्य विभाग जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को दिया गया है। सरकार ने युवाओं और रोजगार को भी राजनीतिक केंद्र में रखने की कोशिश की है। श्री अरुण शंकर प्रसाद को श्रम संसाधन, प्रवासी श्रमिक कल्याण, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग सौंपा गया है। उद्योग और खेल विभाग सुश्री श्रेयसी सिंह को दिया गया है। वहीं, ऊर्जा विभाग शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल को सौंपा गया है। सामाजिक और जातीय संतुलन भी इस विभागीय बंटवारे में साफ दिखाई देता है। पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग रमा निषाद को, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग लखेंद्र कुमार रौशन को और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग मो. जमा खान को दिया गया है। कृषि विभाग पूर्व उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, सहकारिता विभाग श्री राम कृपाल यादव और डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग नंदकिशोर राम को दिया गया है। सूरज शिवा आईएनआई