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पटना। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (पीके) ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान पुलिस-प्रशासन पर चुनाव प्रभावित करने, मतदाताओं और कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने का आरोप लगाते हुए पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक ( एसएसपी) कार्तिकेय के. शर्मा समेत संबंधित अधिकारियों के खिलाफ निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई और कहा कि वह रविवार को अपने सभी साक्ष्य सार्वजनिक करेंगे। जनसुराज ने दावा किया है कि पीके की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने पटना के एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा के ख़िलाफ़ जांच का आदेश दिया है। 'मतदाताओं और कार्यकर्ताओं को डराया-धमकाया' श्री किशोर ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान मतदाताओं और जन सुराज के कार्यकर्ताओं को डराया-धमकाया गया। उन्होंने कहा कि कई लोगों को बिना वजह गिरफ्तार किया गया, जिससे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि पुलिस की भूमिका निष्पक्ष रहने के बजाय एक पक्ष के हित में काम करने जैसी रही। एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा के खिलाफ नामजद शिकायत पीके ने बताया कि उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर पटना के एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने दावा किया कि शिकायत के साथ कई दस्तावेज और साक्ष्य भी निर्वाचन आयोग को सौंपे गए हैं, जिनके आधार पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। 'रविवार को सबूत मीडिया के सामने रखूंगा' जन सुराज प्रमुख ने कहा कि निर्वाचन आयोग को दिए गए सभी दस्तावेज और साक्ष्य रविवार सुबह 11 बजे आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सार्वजनिक किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मीडिया के सामने सभी प्रमाण रखे जाएंगे ताकि पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके। 'पुलिस ने अपराधी तत्वों के साथ मिलकर की गुंडागर्दी' श्री किशोर ने आरोप लगाया कि पिछले तीन दिनों के दौरान पुलिस ने अपराधी तत्वों के साथ मिलकर गुंडागर्दी की, जिसे बांकीपुर की जनता ने भी देखा। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन हुआ और पुलिस अधिकारियों ने अपने अधीनस्थ कर्मियों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने का काम किया। निर्वाचन आयोग ने जांच का दिया भरोसा पीके ने बताया कि निर्वाचन पदाधिकारी ने शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।