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पटना। बिहार की राजधानी पटना के बहुचर्चित प्रोफेसर हत्याकांड में यहां की एक सत्र अदालत ने आज मृतक के सहोदर भाई समेत छह लोगों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। छह दोषियों को ठहराया गया दोषी पटना के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-24 राजीव रंजन सहाय ने मामले में सुनवाई के बाद मृतक प्रोफेसर के सहोदर भाई वीरेंद्र कुमार के साथ अमरजीत कुमार उर्फ छोटू, विकास कुमार, धीरज कुमार उर्फ धीरज गांधी, शैलेंद्र किशोर और प्रेम कुमार उर्फ प्रेम सागर को भारतीय दंड विधान और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई। अदालत ने दोषी अमरजीत कुमार उर्फ छोटू पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है, जबकि अन्य पांचों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना किया है। पत्नी से प्रेम संबंध बना हत्या की वजह मामले के लोक अभियोजक दिलीप कुमार राय ने बताया कि मृतक प्रोफेसर शिवनारायण राम पटना के टीपीएस कॉलेज में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर थे। उन्होंने बताया कि मृतक का भाई वीरेंद्र कुमार उसकी पत्नी से प्रेम करता था, जिसको लेकर दोनों भाइयों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। कॉलेज से लौटते समय मारी थी गोली लोक अभियोजक के अनुसार, वीरेंद्र कुमार ने प्रोफेसर शिवनारायण राम को रास्ते से हटाने के लिए अन्य आरोपियों के साथ मिलकर 29 जनवरी 2020 को कंकड़बाग थाना क्षेत्र के चांदमारी रोड में उस समय गोली मारकर हत्या कर दी, जब वह कॉलेज से पढ़ाकर अपने घर लौट रहे थे। इस मामले की प्राथमिकी कंकड़बाग थाने में दर्ज कराई गई थी। 9 गवाहों के बयान से साबित हुआ आरोप लोक अभियोजक ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने अदालत में आरोप साबित करने के लिए नौ गवाहों के बयान दर्ज कराए थे। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सभी छह आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।