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मोतिहारी। बिहार में पूर्वी चंपारण जिले की विशेष अदालत ने चरस तस्करी के मामले में आज दोषी नेपाली नागरिक को 10 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ ही दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। एनडीपीएस न्यायालय प्रथम की विशेष न्यायाधीश रेशमा वर्मा ने शनिवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला दिया। दोषी अनोज कुमार नेपाल के बारा जिले के गमर गामा निवासी राजेंद्र मंडल का पुत्र है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को छह महीने कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी। सफेद झोले में छिपाकर ला रहा था चरस अभियोजन के अनुसार, 10 मई 2023 की सुबह सूचना मिली थी कि एक तस्कर नेपाल से मादक पदार्थ लेकर भारत-नेपाल सीमा के स्तंभ संख्या 390/98 के रास्ते भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने वाला है। सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने विशेष नाका लगाया। सुबह करीब 6:30 बजे एक युवक सफेद झोला लेकर आता दिखाई दिया। जवानों को देखकर वह वापस नेपाल की ओर भागने लगा, लेकिन एसएसबी ने उसे पकड़ लिया। चार बंडलों से मिली 1.150 किलो चरस तलाशी के दौरान उसके झोले से प्लास्टिक में सिले चार छोटे बंडल मिले। इनमें कुल 1.150 किलोग्राम चरस बरामद की गई। रक्सौल सहदेवा कैंप एसएसबी के सहायक उप निरीक्षक बाल कृष्ण त्रिवेदी के बयान पर रक्सौल थाने में कांड संख्या 227/2023 दर्ज किया गया था। सात गवाहों की गवाही के बाद फैसला मामले की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक डॉ. शंभू शरण सिंह ने अभियोजन की ओर से सात गवाहों को अदालत में पेश किया। गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अनोज कुमार को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20(बी)ii(सी) और 23(सी) के तहत दोषी ठहराया।