Full Story

मुंबई। पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान तनाव के तेज होने और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से घबराए निवेशकों की चौतरफा बिकवाली के बीच घरेलू शेयर बाजार बुधवार को भारी दबाव में दिखे, जहां सेंसेक्स 1,677 अंक टूटकर 76,503.60 और निफ्टी 516 अंक फिसलकर 23,882.05 पर बंद हुआ। क्यों टूटा बाजार बाजार में इस बड़ी गिरावट की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव रहा। अमेरिका ने मंगलवार को ईरान पर फिर हमला किया और इसके साथ ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ अंतरिम शांति समझौता खत्म करने की घोषणा कर दी। इस घटनाक्रम से वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की धारणा कमजोर हुई और निवेशकों ने सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करना शुरू कर दिया। इस तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखा। क्रूड ऑयल 6% से ज्यादा उछलकर 79 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। तेल महंगा होने का मतलब है कि भारत जैसे आयातक देश पर लागत का दबाव बढ़ सकता है, जिससे महंगाई और कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका बढ़ जाती है। यही वजह रही कि बाजार में घबराहट और बिकवाली दोनों तेज हो गईं। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी दबाव सिर्फ बड़ी कंपनियों के शेयर ही नहीं, बल्कि व्यापक बाजार में भी कमजोरी साफ दिखी। निफ्टी मिडकैप-50 1.45% और स्मॉलकैप-100 2.24% गिरकर बंद हुए। वहीं बाजार में डर और उतार-चढ़ाव के स्तर को दिखाने वाला इंडिया VIX 24.85 तक पहुंच गया, जो निवेशकों की बढ़ती चिंता का संकेत है। कौन-कौन से सेक्टर सबसे ज्यादा टूटे बाजार में लगभग हर सेक्टर दबाव में रहा। सबसे ज्यादा मार तेल एवं गैस, ऑटो, बैंकिंग, वित्त, एफएमसीजी, मीडिया, रसायन और सीमेंट सेक्टर पर पड़ी, जिनके सूचकांक 2% से 2.5% तक टूट गए। इसके अलावा आईटी, रियल्टी, हेल्थकेयर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी 1% से 2% तक गिरावट दर्ज की गई। इन दिग्गज शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट सेंसेक्स की कंपनियों में इंडिगो का शेयर सबसे ज्यादा करीब 5% टूटा। इसके अलावा मारुति सुजुकी में लगभग 4% और हिंदुस्तान यूनिलीवर व बजाज फाइनेंस में 3% से ज्यादा की गिरावट रही। बड़े गिरने वाले अन्य शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, आईटीसी, बीईएल, अल्ट्राटेक सीमेंट, एलएंडटी, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, अडानी पोर्ट्स और एक्सिस बैंक शामिल रहे, जिनमें 2% से 3% तक की कमजोरी देखी गई। वहीं एचसीएल टेक, एसबीआई, बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल, टीसीएस, एनटीपीसी, पावरग्रिड, टेक महिंद्रा और इटरनल भी 1% से 2% नीचे बंद हुए। टाटा स्टील, सन फार्मा और टाइटन के शेयरों में भी गिरावट रही। आगे बाजार की चाल किस पर रहेगी निर्भर? फिलहाल बाजार की दिशा काफी हद तक पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की रणनीति पर निर्भर करेगी। अगर तनाव और बढ़ता है और तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो बाजार में दबाव कुछ और दिनों तक बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब भू-राजनीतिक घटनाक्रम के साथ-साथ वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक मोर्चे पर भी रहेगी।