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पटना। बिहार में पटना की एक विशेष अदालत ने रिश्वत लेने के मामले में भोजपुर जिले के उदवंत नगर थाने के तत्कालीन दारोगा रामाशंकर सिंह को दोषी ठहराते हुए आज दो वर्ष के सश्रम कारावास के साथ ही 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दोषी करार निगरानी के विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह ने सुनवाई पूरी होने के बाद रामाशंकर सिंह को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी पाया और दो साल की सश्रम कैद की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को तीन महीने की सजा अलग से भुगतनी होगी। मदद के बदले मांगे थे ₹10 हजार मामले के विशेष लोक अभियोजक और प्रभारी ट्रैप केस किशोर कुमार सिंह ने बताया कि मामला उस समय का है, जब रामाशंकर सिंह उदवंत नगर थाने में दारोगा के पद पर तैनात थे। आरोप था कि उन्होंने एक स्थानीय व्यक्ति से उसके द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में मदद पहुंचाने के बदले 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने आरोपों का सत्यापन कराया। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद अधिकारियों ने एक धावा दल का गठन किया। घर पर रिश्वत लेते रंगेहाथ हुआ था गिरफ्तार निगरानी की टीम ने योजना के तहत कार्रवाई की और दारोगा को उदवंत नगर स्थित उसके आवास पर शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद मामला विशेष निगरानी अदालत में चला, जहां अभियोजन पक्ष ने आरोपों को साबित करने के लिए कुल आठ गवाहों के बयान दर्ज कराए।