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नई दिल्ली। छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के प्रधानमंत्री (पीएम) आवास के बाहर धरना देकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन के दौरान हालात तब और गरमा गए जब पुलिस ने श्री गांधी और श्रीमती प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया। कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार जवाब देने से बच रही है। हालांकि पुलिस ने देर शाम श्री राहुल गांधी, श्रीमती प्रियंका गांधी, श्री अखिलेश यादव समेत हिरासत में लिए गए अन्य नेताओं को छत्रसाल स्टेडियम से छोड़ दिया। खरगे के घर से शुरू हुआ मार्च, पीएम आवास के बाहर धरने में बदला कांग्रेस नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास से प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकाला। इस मार्च में प्रियंका गांधी वाड्रा, के.सी. वेणुगोपाल, जयराम रमेश, नासिर हुसैन, अमरिंदर सिंह राजा बराड़ सहित कई वरिष्ठ नेता और सांसद शामिल हुए।नेताओं ने हाथों में तख्तियां और सांकेतिक हथकड़ियां लेकर छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और पेपर लीक के विरोध में नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार को जवाब देना होगा। राहुल गांधी बोले- सरकार जवाब देने से भाग रही है धरने के दौरान श्री राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि सरकार छात्रों के साथ हुए अन्याय की जवाबदेही तय नहीं करना चाहती। संसद में भी इस मुद्दे पर चर्चा से बचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार नैतिक जिम्मेदारी मानती है तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और कांग्रेस उनके अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी। पुलिस ने हटाने की कोशिश की, सड़क पर बैठ गए राहुल प्रदर्शन के दौरान नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) ने श्री गांधी से धरना समाप्त कर वहां से हटने का आग्रह किया। पुलिस अधिकारी ने उनसे सहयोग करने की अपील की लेकिन श्री गांधी ने कहा कि वह सहयोग कर रहे हैं और पुलिस वहां मौजूद लोगों को शांतिपूर्वक हटाए। कुछ देर बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने का फैसला लिया। इसी दौरान जब एक पुलिसकर्मी ने श्री गांधी का हाथ पकड़कर उन्हें हटाने की कोशिश की तो उन्होंने अपना हाथ छुड़ाया और विरोध जताते हुए सड़क पर ही लेट गए। इसके बाद पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को अलग-अलग बसों में बैठाकर हिरासत में ले लिया। अखिलेश यादव को भी प्रदर्शन स्थल से हटाया गया प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें भी प्रधानमंत्री आवास के पास से हटाया। इससे पहले कांग्रेस के कई सांसदों और नेताओं, जिनमें चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और शशिकांत सेंथिल शामिल हैं, को भी हिरासत में लिया गया। हिरासत से पहले राहुल ने देशवासियों से की थी अपील पुलिस कार्रवाई से ठीक पहले श्री गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए देशवासियों से प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिना जवाब दिए इस मामले से नहीं बच सकते और देश के हर उस नागरिक को छात्रों के समर्थन में आवाज उठानी चाहिए, जो उनके भविष्य की चिंता करता है। उन्होंने कहा, "भारत के छात्रों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।" प्रियंका गांधी का आरोप- संसद में बोलने नहीं दे रही सरकार धरने के दौरान श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि विपक्ष लगातार छात्रों के मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग कर रहा है लेकिन सरकार चर्चा कराने को तैयार नहीं है। उन्होंने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। कांग्रेस का सरकार पर बड़ा आरोप कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष के साथ पुलिस का व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। कांग्रेस ने कहा कि सरकार चाहे जितनी सख्ती कर ले, पार्टी देश के करोड़ों छात्रों के अधिकारों और न्याय की लड़ाई जारी रखेगी। क्यों हो रहा है यह प्रदर्शन कांग्रेस का यह प्रदर्शन छात्रों पर हाल में हुई पुलिस कार्रवाई और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर था। विपक्ष का आरोप है कि सरकार छात्रों की मांगों को दबाने की कोशिश कर रही है और पूरे मामले में जवाबदेही तय करने से बच रही है।