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लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अलीगंज कोचिंग सेंटर अग्निकांड में 15 छात्रों की मौत को लेकर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि अगर सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन किया गया होता और बचाव कार्य समय पर हुआ होता तो कई बच्चों की जान बचाई जा सकती थी। ‘समय पर कार्रवाई होती तो बच जाते बच्चे’ श्री यादव ने सपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य के लिए जरूरी आधुनिक उपकरण मौजूद नहीं थे। उनका आरोप है कि दीवार तोड़ने के लिए मशीनों की जगह हथौड़ों का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे बचाव कार्य में देरी हुई। उन्होंने कहा कि सरकार पुराने हादसों का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। उन्होंने याद दिलाया कि कुंभ में आग की घटनाएं और लेवाना होटल अग्निकांड जैसे मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई। ‘बच्चों को खोने का दर्द सबसे बड़ा’ सपा अध्यक्ष ने कहा कि अपने बच्चों को खोने का दुख किसी भी परिवार के लिए सबसे बड़ी त्रासदी होती है। उन्होंने कहा कि केवल संवेदना जताने या दिखावे के आंसू बहाने से पीड़ित परिवारों का दर्द कम नहीं होगा बल्कि जिम्मेदारी तय कर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकनी होगी। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि अग्निकांड में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाए। अग्निकांड के बाद सरकार हरकत में गौरतलब है कि सोमवार को लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से 15 छात्रों की मौत हो गई थी। मामले की जांच के लिए एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया गया है जबकि अब तक चार अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।