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मोतिहारी। बिहार में पूर्वी चंपारण ज़िले की एनडीपीएस अदालत ने गांजा तस्करी के मामले में दोषी नेपाली नागरिक को आज 12 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ ही चार लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। चार धाराओं में दोषी करार विचारण के बाद न्यायालय ने नेपाली नागरिक प्रेमलाल मुक्तान को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20(बी)(ii)(सी), 24(सी), 25 और 29 के तहत दोषी पाया। ये प्रावधान मादक पदार्थ की अवैध तस्करी, परिवहन और आपराधिक साजिश से जुड़े हैं। अदालत ने दोषी को 12 वर्ष के सश्रम कारावास और चार लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर प्रेमलाल मुक्तान को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। मकवानपुर का रहने वाला है दोषी दोषी प्रेमलाल मुक्तान नेपाल के मकवानपुर जिले के पदमा पोखरी थाना क्षेत्र का निवासी है। उसके पिता का नाम गोपाल मुक्तान है। एनडीपीएस वाद संख्या 50/2022 की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने उसे मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े प्रावधानों के तहत दोषी करार दिया। गुप्त सूचना से खुला था तस्करी का राज मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, पटना के सहायक आयुक्त जगत नारायण ने न्यायालय में कार्यालय परिवाद दायर किया था। परिवाद के अनुसार, 22 जून 2022 को अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली कि नेपाल से एक कंटेनर में भारी मात्रा में मादक पदार्थ छिपाकर भारत लाया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस बल ने भारत-नेपाल सीमा से जुड़े रक्सौल स्थित इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट के पास निगरानी बढ़ा दी। शाम करीब सात बजे संदेह के आधार पर एक कंटेनर को रोककर उसकी जांच की गई। प्लास्टिक में पैक मिला 526.6 किलो गांजा कंटेनर की तलाशी के दौरान प्लास्टिक में बंद 526.6 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। कार्रवाई के दौरान चालक समेत दो व्यक्तियों को पकड़ा गया। इतनी बड़ी मात्रा में गांजे की बरामदगी के बाद मामले की जांच आगे बढ़ी और न्यायालय में परिवाद दाखिल किया गया। अभियोजन ने अदालत में पेश किए 10 गवाह विशेष लोक अभियोजक मिथिलेश कुमार वर्मा ने अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में 10 गवाह प्रस्तुत किए। सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान, बरामदगी और उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्यों को अदालत के सामने रखा गया।