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पटना: बिहार की राजधानी पटना स्थित एक विशेष अदालत ने बिहार के बहुचर्चित टेंडर घोटाला मामले में जेल में बंद भवन निर्माण विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता तारिणी दास की नियमित जमानत याचिका आज खारिज कर दी। तारिणी दास को जमानत देने से अदालत का इनकार निगरानी के विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह की अदालत में तारिणी दास की ओर से दाखिल नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई पहले ही पूरी हो चुकी थी। अदालत ने 09 जुलाई 2026 को बहस सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को आदेश सुनाते हुए अदालत ने साफ कर दिया कि इस चरण पर तारिणी दास को जेल से रिहा करने का आधार नहीं बनता इसलिए उनकी जमानत याचिका खारिज की जाती है। इस आदेश के बाद तारिणी दास को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। उमेश कुमार की जमानत पर सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित इसी मामले में जेल में बंद बुडको के कर्मचारी उमेश कुमार की नियमित जमानत याचिका पर भी शुक्रवार को सुनवाई पूरी हो गई। अदालत में उनके वकील ने दलील दी कि उमेश कुमार निर्दोष हैं और उन्हें नियमित जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए। वहीं दूसरी ओर, विशेष लोक अभियोजक आनंदी सिंह ने जमानत अर्जी का विरोध किया और अदालत से कहा कि मामले की प्रकृति और उपलब्ध सामग्री को देखते हुए आरोपी को राहत नहीं दी जानी चाहिए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने इस याचिका पर भी अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। आईएएस संजीव हंस की अग्रिम जमानत पर भी फैसला बाकी बहुचर्चित टेंडर घोटाला मामले में आरोपित भारतीय प्रशासनिक सेवा ( आईएएस) के अधिकारी संजीव हंस की अग्रिम जमानत याचिका पर भी शुक्रवार को सुनवाई पूरी हो गई। संजीव हंस की ओर से उनके अधिवक्ता ने अदालत से कहा कि उनके मुवक्किल को अग्रिम जमानत का लाभ दिया जाए ताकि गिरफ्तारी की स्थिति में उन्हें संरक्षण मिल सके। हालांकि, निगरानी की ओर से पेश विशेष लोक अभियोजक आनंदी सिंह ने इस मांग का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि इस मामले में संजीव हंस के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है और अब अभियोजन स्वीकृति आदेश की प्रतीक्षा है। अभियोजन की ओर से यह भी कहा गया कि अभी अदालत ने संजीव हंस के खिलाफ संज्ञान नहीं लिया है इसलिए फिलहाल उनकी गिरफ्तारी की आशंका नहीं बनती । इसी आधार पर अभियोजन ने दलील दी कि इस समय उनकी अग्रिम जमानत याचिका पोषणीय नहीं है । दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने इस याचिका पर भी आदेश सुरक्षित रख लिया। क्या है टेंडर घोटाला मामला यह मामला बिहार के विभिन्न सरकारी विभागों में ठेकेदारी और टेंडर प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है। विशेष निगरानी इकाई ने आरोपों की जांच के बाद यह मुकदमा दर्ज किया था। जांच पूरी होने पर एजेंसी ने आईएएस संजीव हंस समेत कुल 7 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है।



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