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रांची। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में पिछले 12 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अपील पर चार दिन बाद पानी पी लिया लेकिन अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखते हुए सरकार को 07 अगस्त को विधानसभा घेराव की चेतावनी दी है। वांगचुक की अपील पर लिया पानी, लेकिन संघर्ष रहेगा जारी 02 अगस्त से अन्न और जल त्याग चुके देवेंद्र नाथ महतो से बुधवार को सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल पर बातचीत की। वांगचुक ने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील की, जिसके बाद देवेंद्र ने पानी तो पी लिया लेकिन कहा कि जब तक भर्ती घोटालों पर कार्रवाई नहीं होती, उनका अनशन खत्म नहीं होगा। यही इस आंदोलन का सबसे चर्चित और भावनात्मक पहलू बन गया है। 12 दिन से जारी है आंदोलन, सात से ज्यादा लोग भूख हड़ताल पर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 12 दिनों से छात्र धरने पर बैठे हैं। फिलहाल सात से अधिक प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर हैं। इनमें देवेंद्र नाथ महतो, ब्रह्मानंद कुमार, सबिता कुमारी, अर्चना कुमारी, राहुल क्रांति, रूपेश कुमार और उम्मे हबीब शामिल हैं। इन सभी ने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आमरण अनशन शुरू किया है। क्या है पूरा विवाद 02 जुलाई को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) ने 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी किया था, जिसमें 2,204 अभ्यर्थियों का चयन मुख्य परीक्षा के लिए हुआ। रिजल्ट आते ही कई अभ्यर्थियों ने गंभीर सवाल उठाए। छात्रों का आरोप है कि कट-ऑफ सार्वजनिक नहीं की गई। सोशल मीडिया पर एक अभ्यर्थी की कथित ओएमआर शीट वायरल हुई, जिसमें केवल 48 प्रश्न हल करने के बावजूद चयन का दावा किया गया। परिणाम पर आयोग के अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं थे। विवाद बढ़ने के बाद जेपीएससी को मुख्य परीक्षा रद्द करनी पड़ी। अब सिर्फ एक परीक्षा नहीं, पूरे सिस्टम पर सवाल छात्रों का कहना है कि विवाद केवल 14वीं जेपीएससी परीक्षा तक सीमित नहीं है। उनका आरोप है कि जेपीएससी और जेएसएससी की कई भर्ती परीक्षाएं पहले भी सवालों के घेरे में रही हैं। इसी वजह से आंदोलन अब पूरे भर्ती तंत्र में बदलाव की मांग में बदल गया है। छात्रों की प्रमुख मांगें प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं, “ 14वीं जेपीएससी परीक्षा की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी) से जांच हो। फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर दोषियों को जल्द सजा दी जाए। टीडीपीएल से कराई गई सभी परीक्षाएं रद्द की जाएं। टीडीपीएल को ब्लैकलिस्ट किया जाए। भविष्य की परीक्षाएं टीसीएस जैसी विश्वसनीय कंपनी से कराई जाएं और जेपीएससी और जेएसएससी के भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे अधिकारियों को हटाया जाए। 07 अगस्त को विधानसभा घेरने की चेतावनी छात्रों ने सरकार को साफ संदेश दिया है कि यदि जल्द कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया तो 07 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव किया जाएगा। आंदोलन को लगातार व्यापक समर्थन भी मिल रहा है। कई संगठनों का मिला समर्थन इस आंदोलन को आइसा और एबीवीपी जैसे छात्र संगठनों ने समर्थन दिया है। इसके अलावा कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी आंदोलनकारियों के समर्थन का ऐलान करते हुए कहा कि उनकी पार्टी छात्रों की हर मांग के साथ खड़ी है और जल्द झारखंड पहुंचेगी। कौन हैं देवेंद्र नाथ महतो देवेंद्र नाथ महतो रांची जिले के कापीडीह गांव के रहने वाले छात्र नेता हैं और जेएलकेएम से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों के अधिकारों को लेकर आंदोलन करते रहे हैं। वे 2024 का लोकसभा और विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। उनका दावा है कि छात्र आंदोलनों में सक्रिय रहने के कारण उन पर 30 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। आंदोलन से सरकार पर बढ़ा दबाव भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब राज्य सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। एक ओर छात्र सीबीआई जांच और भर्ती प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग पर अड़े हैं, तो दूसरी ओर देवेंद्र नाथ महतो का आमरण अनशन और सोनम वांगचुक का समर्थन इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ले आया है।