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पटना। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की राष्ट्रीय परिषद ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर औपचारिक मुहर लगाते हुए उनके नेतृत्व पर पूर्ण विश्वास जताया वहीं पार्टी नेताओं ने कहा कि निशांत कुमार की सक्रिय भूमिका से संगठन को नई ताकत और भविष्य का मजबूत नेतृत्व मिला है। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने शनिवार को प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि राष्ट्रीय परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक और राजनीतिक निर्णय लिए गए। उन्होंने कहा कि परिषद ने नीतीश कुमार को राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में औपचारिक मंजूरी देने के साथ ही जदयू ट्रस्ट से जुड़े मामलों के संचालन और आवश्यक निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया है। साथ ही पार्टी संविधान में समय-समय पर आवश्यक संशोधन करने का अधिकार भी राष्ट्रीय अध्यक्ष को दिया गया है। सत्ता छोड़ने की शैली को बताया राजनीति की मिसाल बैठक में नेताओं ने श्री नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के तरीके की भी जमकर सराहना की। पार्टी नेताओं का कहना था कि सत्ता हस्तांतरण के दौरान जिस राजनीतिक शुचिता, विनम्रता और लोकतांत्रिक परंपरा का परिचय उन्होंने दिया वह भारतीय राजनीति में एक अनुकरणीय उदाहरण है। नेताओं ने कहा कि सत्ता के प्रति मोह छोड़कर सहज तरीके से नेतृत्व परिवर्तन स्वीकार करना श्री कुमार की राजनीतिक परिपक्वता को दर्शाता है। रिकॉर्ड जीत का श्रेय भी नीतीश के नेतृत्व को राष्ट्रीय परिषद की बैठक में वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू के प्रदर्शन की भी चर्चा हुई। पार्टी ने 101 सीटों पर चुनाव लड़कर 85 सीटों पर जीत हासिल की थी। करीब 84.2 प्रतिशत की जीत दर को जदयू के इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बताते हुए नेताओं ने कहा कि यह परिणाम नीतीश कुमार की लोकप्रियता और जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता का प्रमाण है। नेताओं ने कहा कि लगभग दो दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद जनता का भरोसा श्री कुमार पर बना रहना असाधारण राजनीतिक उपलब्धि है। बैठक में यह भी बताया गया कि पार्टी ने सामाजिक न्याय की अपनी प्रतिबद्धता को निभाते हुए 101 उम्मीदवारों में से 63 अति पिछड़ा एवं पिछड़ा वर्ग तथा 15 अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उम्मीदवारों को मौका दिया था। संगठन विस्तार पर विशेष जोर राष्ट्रीय परिषद ने संगठन को और मजबूत बनाने के लिए कई फैसले लिए। पार्टी ने तय किया कि समय-समय पर प्रशिक्षण शिविर और सेमिनार आयोजित कर नए सदस्यों को जदयू की विचारधारा से जोड़ा जाएगा। वर्तमान में जदयू से एक करोड़ से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं और इस आधार को और विस्तार देने की रणनीति बनाई गई है। बैठक में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ती भूमिका पर भी चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि सभी जिलों में तकनीकी रूप से सक्षम सोशल मीडिया टीमों का गठन किया जाएगा और डिजिटल क्षेत्र में सक्रिय युवाओं को संगठन से जोड़ा जाएगा। पार्टी का मानना है कि नई पीढ़ी तक पहुंचने के लिए डिजिटल माध्यम सबसे प्रभावी साधन बन चुके हैं। निशांत कुमार को लेकर नेताओं का बड़ा भरोसा राष्ट्रीय परिषद की बैठक में श्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार भी चर्चा के केंद्र में रहे। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि श्री निशांत कुमार के सक्रिय होने से जदयू को ऐसा नेतृत्व मिला है, जो आने वाले तीन से चार दशकों तक संगठन को दिशा दे सकता है। उन्होंने कहा कि निशांत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे कम बोलते हैं और ज्यादा काम करते हैं। उनकी यही कार्यशैली उन्हें भविष्य में राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल कर सकती है। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने भी कहा कि निशांत कुमार के संगठन में आने से कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा है और पार्टी को नई ताकत मिली है। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि 2003 में पार्टी के गठन और 2005 में सरकार बनने के बाद से आज तक श्री नीतीश कुमार की लोकप्रियता लगातार बढ़ी है। ऐसे समय में श्री निशांत कुमार का सक्रिय होना संगठन के लिए सकारात्मक संकेत है और इससे पार्टी को नई ऊर्जा मिलेगी। सम्राट चौधरी सरकार के कामकाज की सराहना बैठक के दौरान श्री नीतीश कुमार ने बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में चल रही सरकार के कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सात निश्चय पार्ट-3 समेत विकास योजनाओं को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है और इससे बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने में मदद मिलेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से मिल रहे सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया और विश्वास जताया कि राज्य और केंद्र के समन्वय से बिहार विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। विकास कार्यों के लिए नेताओं ने जताया आभार बैठक में केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर ने 2005 के बाद बिहार में हुए विकास कार्यों के लिए श्री नीतीश कुमार का आभार व्यक्त किया। वहीं उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि श्री नीतीश कुमार ने हमेशा किसान, गरीब, महिला और युवाओं को केंद्र में रखकर नीतियां बनाई हैं और उनके नेतृत्व में बिहार ने नई पहचान हासिल की है। श्री निशांत कुमार ने भी बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले दो दशकों में श्री नीतीश कुमार ने बिहार के हर वर्ग और हर क्षेत्र के विकास के लिए ऐतिहासिक कार्य किए हैं। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और जल-जीवन-हरियाली अभियान को बिहार के विकास के महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। साथ ही कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को जिला स्तर तक और मजबूत बनाना तथा संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त करना उनकी प्राथमिकता होगी। 19 राज्यों के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा राष्ट्रीय परिषद की बैठक में 19 राज्यों के 223 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इससे पहले राज्य परिषद की बैठक में श्री उमेश सिंह कुशवाहा के लगातार तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने का सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया। विभिन्न राजनीतिक और संगठनात्मक प्रस्तावों को भी परिषद की मंजूरी मिली।



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