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मुंबई: अमेरिकी-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बावजूद सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में जोरदार खरीदारी, रुपये की मजबूती और विदेशी निवेशकों की वापसी के दम पर बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी रही, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों एक प्रतिशत से अधिक चढ़कर कारोबार करते दिखे। बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 888.68 अंक (1.16%) की छलांग लगाकर 77,654.60 अंक पर पहुंच गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 264.85 अंक (1.10%) की तेज़ी के साथ 24,250.20 अंक पर बंद हुआ। इस दौरान दिग्गज कंपनियों की तरह बीएसई की मझौली और छोटी कंपनियों के शेयरों में जमकर खरीददारी हुई, जिससे मिडकैप 0.78% उछलकर 17,005.50 अंक और स्मॉलकैप 1.47% मजबूत होकर 7,087.23 अंक हो गया। आईटी और मेटल शेयर बने तेजी के अगुआ बाजार की इस तेजी में सबसे बड़ी भूमिका आईटी शेयरों की रही। इंफोसिस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसे बड़े शेयर मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। निफ्टी आईटी और निफ्टी मेटल सूचकांक एक से दो प्रतिशत तक चढ़ गए। इसके उलट रियल्टी और तेल एवं गैस क्षेत्र दबाव में रहे। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण तेल एवं गैस कंपनियों के शेयरों पर असर दिखाई दिया, जबकि निफ्टी रियल्टी भी लाल निशान में कारोबार करता रहा। ## एशियाई बाजारों में भारी गिरावट, भारत रहा मजबूत वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े शेयरों में बिकवाली जारी रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक करीब नौ प्रतिशत टूट गया, जबकि जापान का निक्केई चार प्रतिशत से ज्यादा गिरा। ताइवान का प्रमुख सूचकांक भी चार प्रतिशत से अधिक नीचे रहा। इसके मुकाबले भारतीय बाजार ने मजबूती दिखाई। इसकी एक वजह यह मानी जा रही है कि भारत में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर से सीधे जुड़ी बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों की संख्या सीमित है। इसलिए वैश्विक एआई शेयरों में आई तेज बिकवाली का भारतीय बाजार पर अपेक्षाकृत कम असर पड़ा। रुपया 12 पैसे मजबूत बुधवार के शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 12 पैसे मजबूत होकर 95.70 के स्तर पर पहुंच गया। पिछले तीन सत्रों में रुपये की मजबूती के पीछे भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप को अहम कारण माना जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आगे रुपये की चाल कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर इंडेक्स, विदेशी निवेशकों के प्रवाह और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले पर निर्भर करेगी। निकट अवधि में रुपये के 95.50 से 96.25 के दायरे में रहने का अनुमान है। विदेशी निवेशक फिर बने खरीदार विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को भारतीय शेयरों में 755 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। इससे पहले वे लगातार चार कारोबारी सत्रों तक भारी बिकवाली कर रहे थे। हालांकि यह खरीदारी हाल की निकासी की तुलना में बहुत बड़ी नहीं है, फिर भी विदेशी निवेशकों की बाजार में वापसी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा और बुधवार की तेजी को समर्थन मिला। इन शेयरों ने दिखाई मजबूती इस दौरान हिंदुस्तान यूनिलीवर ने सबसे अधिक 4.70% का मुनाफा कमाया। साथ ही टाइटन, बजाज फिनसर्व, एसबीआई, इंडिगो, अल्ट्रासेम्को, बजाज फाइनेंस, आईटीसी, टेक महिंद्रा, सन फार्मा, रिलायंस, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट, मारुति, एक्सिस बैंक, इटरनल, कोटक बैंक, एचडीएफसी बैंक, एचसीएल टेक, टीसीएस, टाटा स्टील, भारती एयरटेल, एलटी, ट्रेंट और इंफ़ोसिस के शेयर 1.22% से 4.50% तक मजबूत रहे। ये शेयर लुढ़क गए एनटीपीसी 0.09, बीईएल 0.39, पावरग्रिड 0.89, महिंद्रा एंड महिंद्रा 1.51 और अदानी पोर्ट्स के शेयर 3.19 फ़ीसदी गिर गए। अब फेडरल रिजर्व के फैसले पर नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक का फैसला बुधवार को बाद में आने वाला है। बाजार को उम्मीद है कि फेड ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा, लेकिन लगातार ऊंची महंगाई को लेकर उसकी टिप्पणी अहम होगी। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक महंगाई पर असर पड़ सकता है। ऐसे में निवेशक यह जानना चाहेंगे कि फेड आने वाले महीनों में ब्याज दरों को लेकर कितना सख्त रुख अपनाता है।



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