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नई दिल्ली। पैलेट गन से घायल छात्र साहिल के मामले में आठ घंटे तक चले धरने और विरोध के बाद एफआईआर दर्ज होने पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर तीखा हमला बोला और कहा कि राजधानी दिल्ली में एक पीड़ित की शिकायत दर्ज कराने के लिए पूरे दिन संघर्ष करना पड़ा, यदि देश की राजधानी में न्याय पाने की यह स्थिति है तो गांवों और छोटे शहरों में आम लोगों के साथ क्या होता होगा, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। सुबह 11:30 बजे पहुंचे, रात 7:45 बजे दर्ज हुई एफआईआर श्री गांधी शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे साहिल और उसके परिवार के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज करने की मांग की। पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं होने पर वे पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। करीब आठ घंटे की जद्दोजहद के बाद शाम 7:45 बजे प्राथमिकी दर्ज की गई। 'हमने सिर्फ न्याय मांगा, कोई गैरकानूनी काम नहीं किया' एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने केवल एक भारतीय नागरिक और उसके परिवार के लिए न्याय मांगा था।उन्होंने कहा, "जब नई दिल्ली के बीचों-बीच एक एफआईआर दर्ज कराने में आठ घंटे लग जाते हैं तो सोचिए देश के दूर-दराज के इलाकों में गरीब और आम नागरिकों के साथ क्या होता होगा।" 'एफआईआर रोकने का फैसला ऊपर से था' श्री गांधी ने आरोप लगाया कि पुलिस एफआईआर दर्ज करना चाहती थी लेकिन उसे ऊपर से रोका जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि गृह सचिव और गृह मंत्री अमित शाह की मंजूरी मिलने के बाद ही एफआईआर दर्ज हुई। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि न्याय की राह में सबसे बड़ी रुकावट ऊपर के स्तर पर थी। साहिल बोला- राहुल गांधी साथ नहीं होते तो शिकायत भी दर्ज नहीं होती पैलेट गन से घायल छात्र साहिल ने कहा कि वह 14 अगस्त से लगातार एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश कर रहा था लेकिन हर बार निराशा हाथ लगी। उसने कहा, "श्री राहुल गांधी साथ नहीं होते तो शायद मेरी शिकायत आज भी दर्ज नहीं होती।" साहिल ने बताया कि उसके शरीर में करीब 200 छर्रे हैं, जिनमें तीन आंख में और कई दिल के पास मौजूद हैं। इलाज के बाद भी उसकी आंख की रोशनी पूरी तरह वापस नहीं आई है। अगर पुलिस ने गोली नहीं चलाई तो फिर किसने चलाई कांग्रेस नेता ने दिल्ली पुलिस के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया गया है। उन्होंने कहा, "अगर पुलिस ने पैलेट गन नहीं चलाई तो फिर यह छर्रे आए कहां से? जिसने भी चलाए, वह अपराधी है और उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।" अब होगी न्यायिक जांच, दोषी नहीं बचेंगे राहुल गांधी ने कहा कि एफआईआर दर्ज होना अंत नहीं, बल्कि न्याय की लड़ाई की शुरुआत है। उन्होंने भरोसा जताया कि मामले की न्यायिक जांच होगी और ऊपर से नीचे तक जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। कांग्रेस के कई दिग्गज नेता रहे मौजूद धरने में प्रियंका गांधी वाड्रा, कुमारी सैलजा, अधीर रंजन चौधरी, सलमान खुर्शीद, रणदीप सिंह सुरजेवाला, जयराम रमेश, हरीश रावत समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पार्टी ने इसे न्याय और नागरिक अधिकारों की लड़ाई बताया।



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