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मोतिहारी। बैंक में जमा कराए गए 7.95 लाख रुपये करीब चार साल तक खाते में दर्ज नहीं होने के मामले में पूर्वी चंपारण जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने मोतिहारी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की अरेराज शाखा की सेवा में त्रुटि पाते हुए परिवादी को मूल राशि समेत कुल 8.20 लाख रुपये चुकाने का आदेश दिया है। पैसे जमा किए, पर्ची मिली लेकिन खाते में नहीं आई रकम कोटवा थाना क्षेत्र के डुमरा निवासी सतेंद्र पांडेय ने 9 मार्च 2024 को आयोग में परिवाद संख्या 41/2024 दायर किया था। परिवाद के मुताबिक, उनकी ऋषि एंड सन्स पार्टनरशिप फर्म का खाता अरेराज शाखा में है। उन्होंने 27 जुलाई 2020 को 7,95,000 रुपये जमा कराए थे और तत्कालीन कैशियर ने इसकी पर्ची भी दी, लेकिन राशि खाते में जमा नहीं हुई। परिवादी का कहना था कि बैंक के कई चक्कर लगाने के बावजूद समाधान नहीं मिला। उन्होंने 29 नवंबर 2023 को संबंधित बैंक पदाधिकारियों को वकालतन नोटिस भी भेजा और इसके बाद उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। दो महीने में 8.20 लाख चुकाने का आदेश आयोग के अध्यक्ष गिरीश मिश्र और सदस्य संजीव कुमार ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तत्कालीन शाखा प्रबंधक, कैशियर और प्रबंध निदेशक की ओर से सेवा में त्रुटि पाई। आयोग ने बैंक को 7.95 लाख रुपये की मूल राशि के साथ शारीरिक एवं मानसिक पीड़ा और वाद व्यय के लिए 25 हजार रुपये , यानी कुल 8.20 लाख रुपये , दो माह के भीतर भुगतान करने का निर्देश दिया है। देरी हुई तो 7 प्रतिशत ब्याज भी आयोग ने स्पष्ट किया कि निर्धारित दो माह में भुगतान नहीं होने पर आदेश की तारीख से वास्तविक भुगतान तक 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। साथ ही बैंक प्रबंधन को परिवादी को दी जाने वाली राशि तत्कालीन कैशियर से प्राप्त करने और उनके देय दायित्व से इसकी कटौती करने की स्वतंत्रता दी गई है।