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कटिहार। बिहार में कटिहार जिले के फलका थाना क्षेत्र में गुरुवार से लापता 17 वर्षीय ई-रिक्शा चालक प्रीतम कुमार का हाथ-पैर बंधा और शरीर पर जख्म के निशान वाला शव शुक्रवार को बभनी दौदा बहियार के एक धान के खेत से बरामद हुआ पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि मृतक की पहचान फलका थाना क्षेत्र की सोहथा उत्तरी पंचायत के वार्ड संख्या 11 स्थित गोपालपट्टी गांव निवासी 17 वर्षीय प्रीतम कुमार के रूप में हुई है। शव मिलने की खबर फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। सुबह ई-रिक्शा लेकर निकला, शाम तक नहीं लौटा प्रीतम की मां नीलम देवी ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा 6 अगस्त की सुबह करीब 8:30 बजे ई-रिक्शा लेकर घर से निकला था। देर शाम तक जब वह घर नहीं लौटा तो परिवार के लोगों को चिंता हुई और उसकी तलाश शुरू की गई।परिजन आसपास के इलाकों में प्रीतम को खोजते रहे लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसी दौरान एक ऐसी चीज मिली जिसने परिवार की चिंता और बढ़ा दी। सड़क पर लावारिस मिला ई-रिक्शा, पास पड़ी थी चप्पल परिजनों को तलाश के दौरान प्रीतम का ई-रिक्शा बभनी से मांगनपट्टी जाने वाली ग्रामीण सड़क पर लावारिस हालत में खड़ा मिला। ई-रिक्शा के पास ही प्रीतम की चप्पल भी पड़ी मिली लेकिन किशोर वहां नहीं था। इसके बाद परिजनों ने फलका थाने में लिखित आवेदन देकर उसके लापता होने की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलने पर फलका थानाध्यक्ष प्रहलाद यादव ने पुलिस टीम के साथ किशोर की तलाश शुरू की। अगले दिन धान के खेत में मिला शव शुक्रवार को तलाश के दौरान बभनी गांव के दौदा बहियार स्थित एक धान के खेत में प्रीतम का शव बरामद हुआ। शव पानी में डूबा हुआ था और उसके हाथ-पैर बंधे मिले। शरीर पर कई स्थानों पर गहरे जख्म के निशान होने की बात भी सामने आई है। जिस किशोर को परिवार एक दिन से जीवित तलाश रहा था, उसका शव मिलने की खबर पहुंचते ही घर में मातम पसर गया। परिजनों का आरोप- पीटने और गला दबाने के बाद फेंका शव प्रीतम के परिजनों ने आरोप लगाया है कि अज्ञात बदमाशों ने किशोर के साथ बेरहमी से मारपीट की और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। परिवार का आरोप है कि हत्या के बाद साक्ष्य छुपाने की नीयत से उसके हाथ-पैर बांधकर शव को पानी में फेंक दिया गया। हालांकि ये फिलहाल परिजनों के आरोप हैं। किशोर की मौत कैसे हुई और उसके साथ वास्तव में क्या हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। ई-रिक्शा, चप्पल और खेत में शव... पुलिस जोड़ रही कड़ियां इस मामले में पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं। प्रीतम ई-रिक्शा लेकर घर से निकलने के बाद कहां गया? उसका ई-रिक्शा सड़क पर लावारिस कैसे पहुंचा? उसकी चप्पल वाहन के पास क्यों पड़ी थी? और वह धान के खेत तक किन परिस्थितियों में पहुंचा? पुलिस अब इन तमाम कड़ियों को जोड़कर घटनाक्रम का पता लगाने की कोशिश कर रही है। फॉरेंसिक टीम पहुंची, घटनास्थल से जुटाए साक्ष्य मामले की गंभीरता को देखते हुए कोढ़ा सर्किल इंस्पेक्टर साजिद आलम और फलका थानाध्यक्ष प्रहलाद यादव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में पुलिस ने जरूरी साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट से मौत की वजह और उससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की उम्मीद है। थानाध्यक्ष बोले- हर पहलू की हो रही जांच फलका थानाध्यक्ष प्रहलाद यादव ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि किशोर का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। उनके मुताबिक, पीड़ित परिवार की ओर से लिखित आवेदन मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और घटना में शामिल दोषियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की कार्रवाई की जाएगी।