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मुंबई। बढ़ती अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, महंगाई की आशंका और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर बढ़ाए जाने की अटकलों के बीच घरेलू शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली हुई, जिससे सेंसेक्स 777.94 अंक और निफ्टी 279.50 अंक टूटकर 22 सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गए। सेंसेक्स 74 हजार के करीब, निफ्टी 23118 पर बंद बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 777.94 अंक यानी 1.04 प्रतिशत गिरकर 74,003.82 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी 279.50 अंक यानी 1.19 प्रतिशत का गोता लगाकर 23,118.60 अंक पर आ गया। इसे पहले इस वर्ष 02 अप्रैल को बाजार 73,319.55 अंक पर रहा था। बाजार की इस बड़ी गिरावट से कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में उल्लेखनीय कमी आई और निवेशकों को व्यापक स्तर पर नुकसान उठाना पड़ा। बड़ी कंपनियों से ज्यादा पिटे मिडकैप और स्मॉलकैप बिकवाली केवल प्रमुख सूचकांकों तक सीमित नहीं रही। मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों पर इससे भी ज्यादा दबाव दिखाई दिया। बीएसई 150 मिडकैप सूचकांक 2.17 प्रतिशत टूटकर 16,493.70 अंक पर आ गया, जबकि बीएसई 250 स्मॉलकैप सूचकांक 2.40 प्रतिशत लुढ़ककर 7,052.62 अंक पर बंद हुआ। इन आंकड़ों से साफ है कि बाजार की गिरावट कुछ चुनिंदा बड़े शेयरों तक सीमित नहीं थी बल्कि उसकी मार छोटे और मझोले शेयरों तक फैली रही। हर चार में करीब तीन शेयरों ने कराया नुकसान बाजार की कमजोर स्थिति का अंदाजा मार्केट ब्रेड्थ से लगाया जा सकता है। बीएसई में कारोबार किए गए कुल 4,703 शेयरों में केवल 1,194 यानी 25.39 प्रतिशत शेयर बढ़त में बंद हुए। इसके मुकाबले 3,287 शेयरों यानी 69.89 प्रतिशत में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 222 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। इस तरह बढ़ने वाले प्रत्येक एक शेयर के मुकाबले लगभग तीन शेयर गिरावट में रहे। कैपिटल गुड्स और रियल्टी पर सबसे करारा वार क्षेत्रीय सूचकांकों में बिकवाली का सबसे गहरा असर कैपिटल गुड्स पर पड़ा, जिसका सूचकांक 4.19 प्रतिशत टूट गया। रियल्टी सूचकांक 3.93 प्रतिशत और औद्योगिक सूचकांक 3.57 प्रतिशत नीचे आया। इसके अलावा सेवा क्षेत्र में 3.03 प्रतिशत, बिजली में 2.80 प्रतिशत, कमोडिटी में 2.73 प्रतिशत, बीमा में 2.71 प्रतिशत और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 2.65 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक 2.13 प्रतिशत, धातु 2.12 प्रतिशत, वाहन 2.09 प्रतिशत, दूरसंचार 2.06 प्रतिशत और आवास वित्त सूचकांक 1.95 प्रतिशत गिरा। वित्तीय सेवाएं 1.71 प्रतिशत, स्वास्थ्य सेवा 1.48 प्रतिशत, ऊर्जा 1.43 प्रतिशत, बैंकएक्स 1.36 प्रतिशत और तेल एवं गैस सूचकांक 1.20 प्रतिशत नीचे बंद हुए। लाल बाजार में आईटी बना हरी उम्मीद चौतरफा गिरावट के बीच सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र ने बाजार को कुछ सहारा दिया। फोकस्ड आईटी सूचकांक 1.49 प्रतिशत और आईटी सूचकांक 1.87 प्रतिशत की बढ़त में रहा। आईटी शेयरों में खरीदारी के चलते एचसीएल टेक्नोलॉजीज 3.98 प्रतिशत उछलकर 1,255 रुपये पर पहुंचा। इंफोसिस 3.64 प्रतिशत चढ़कर 1,076 रुपये, टेक महिंद्रा 2.31 प्रतिशत बढ़कर 1,575 रुपये और टीसीएस 2.18 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,250 रुपये पर बंद हुआ। एचडीएफसी बैंक में 1.27 प्रतिशत, हिंदुस्तान यूनिलीवर में 0.31 प्रतिशत और टाटा स्टील में 0.30 प्रतिशत की बढ़त रही। बीईएल ने दिया सबसे बड़ा झटका बीईएल का शेयर सबसे अधिक 6.04 प्रतिशत टूटकर 381 रुपये पर आ गया। इंडिगो 3.95 प्रतिशत गिरकर 4,777.50 रुपये और टाइटन 3.10 प्रतिशत लुढ़ककर 4,850 रुपये पर बंद हुआ। बजाज फिनसर्व 3.09 प्रतिशत, अदाणी पोर्ट्स 3.03 प्रतिशत, महिंद्रा एंड महिंद्रा 2.88 प्रतिशत और भारतीय स्टेट बैंक 2.77 प्रतिशत नीचे आया। ट्रेंट में 2.62 प्रतिशत, एशियन पेंट्स में 2.51 प्रतिशत और बजाज फाइनेंस में 2.37 प्रतिशत की गिरावट रही। इटर्नल 2.29 प्रतिशत, अल्ट्राटेक सीमेंट 2.24 प्रतिशत, एक्सिस बैंक 2.18 प्रतिशत और कोटक महिंद्रा बैंक 2.17 प्रतिशत टूटे। पावरग्रिड, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एलएंडटी में भी एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। कच्चा तेल और अमेरिकी फेड ने बढ़ाई बेचैनी बाजार पर बढ़ती अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की चढ़ती कीमतों का दबाव दिखाई दिया। महंगे तेल ने महंगाई बढ़ने की आशंका को हवा दी, जबकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से संभावित ब्याज दर वृद्धि की चिंता ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता कमजोर कर दी। पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और सक्रिय आरंभिक सार्वजनिक निर्गम बाजार भी पूंजी तथा निवेशकों के रुझान पर दबाव डालते नजर आए। इन सभी कारणों ने मिलकर विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक बिकवाली को तेज कर दिया। एशियाई बाजारों से भी नहीं मिला सहारा अन्य प्रमुख एशियाई बाजार भी दबाव में रहे। हांगकांग का हैंगसेंग एक प्रतिशत, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.85 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.54 प्रतिशत गिरा। जापान का निक्केई भी 0.01 प्रतिशत की मामूली कमजोरी के साथ बंद हुआ। घरेलू बाजार का 22 सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंचना निवेशकों की बढ़ती चिंता को दिखाता है। चौतरफा बिकवाली के बीच केवल आईटी क्षेत्र ने मजबूती दिखाई, लेकिन मिडकैप, स्मॉलकैप और ज्यादातर क्षेत्रीय सूचकांकों की तेज गिरावट ने बाजार का पूरा रंग लाल कर दिया।