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ग्लासगो (स्कॉटलैंड)। राष्ट्रमंडल खेंलों (कॉमनवेल्थ गेम्स) 2026 में भारतीय जूडो का सुनहरा दिन जारी रहा, जहां अस्मिता डे के ऐतिहासिक स्वर्ण के बाद हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ कैट्ज को वाजा-आरी (10-0) से हराकर भारत को जूडो का दूसरा और खेलों में कुल पांचवां स्वर्ण पदक दिला दिया। फाइनल में शानदार रणनीति, एक दांव ने पलट दिया मुकाबला फाइनल मुकाबले की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी जोशुआ कैट्ज़ ने आक्रामक खेल दिखाया और शुरुआती बढ़त बनाने की कोशिश की, लेकिन हर्ष सिंह ने बेहतरीन बचाव करते हुए उन्हें कोई अंक नहीं लेने दिया। दोनों खिलाड़ियों के बीच लगातार हमले और जवाबी हमले होते रहे। एक समय ऐसा भी आया जब कैट्ज़ ने हर्ष को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने शानदार तरीके से खुद को बचाते हुए पलटवार किया। मुकाबले का निर्णायक क्षण 3 मिनट 19 सेकंड पर आया, जब हर्ष सिंह ने सटीक थ्रो और पिन के साथ वाजा-आरी हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर लिया। गोल्ड मां को किया समर्पित स्वर्ण पदक जीतने के बाद हर्ष सिंह भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, "देश के लिए यह पदक जीतकर मुझे बेहद खुशी हो रही है। हमने इसी जीत के लिए तैयारी की थी। मैं यह गोल्ड मेडल अपनी मां को समर्पित करता हूं। अगर एशियन गेम्स के लिए क्वालिफाई करता हूं तो वहां भी पूरी तैयारी के साथ देश के लिए पदक जीतने की कोशिश करूंगा।" जूडो में भारत का ऐतिहासिक दिन हर्ष सिंह की जीत के साथ भारत ने एक ही दिन में जूडो में दो स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। इससे पहले त्रिपुरा की अस्मिता डे महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो का गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय बनी थीं। भारत के खाते में पहुंचे 19 पदक हर्ष सिंह के स्वर्ण के साथ ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के कुल 19 पदक हो गए हैं। इनमें 5 स्वर्ण, 9 रजत और 5 कांस्य पदक शामिल हैं। भारत के स्वर्ण पदक विजेता मीराबाई चानू – महिला 48 किग्रा भारोत्तोलन शर्मिला धनखड़ – महिला शॉटपुट F57 दिलीप गावित – पुरुष 100 मीटर T47 अस्मिता डे – महिला 48 किग्रा जूडो * हर्ष सिंह – पुरुष 60 किग्रा जूडो रजत पदक विजेता ऋषिकांता सिंह, मुथुपांडी राजा, ज्ञानेश्वरी यादव, सर्वेश कुशारे, वल्लुरी अजय बाबू, हरजिंदर कौर, गुलवीर सिंह, मुरली श्रीशंकर, मोहम्मद बासिल और लवप्रीत सिंह। कांस्य पदक विजेता झंडू कुमार, बिंद्यारानी देवी, शिल्पा के. शायला और सीमा कालीरामना। भारतीय जूडो के लिए यादगार दिन एक ही दिन में अस्मिता डे और हर्ष सिंह के स्वर्ण पदकों ने भारतीय जूडो को नई ऊंचाई दी है। इन दोनों जीतों ने न केवल भारत के पदकों की संख्या बढ़ाई बल्कि यह भी साबित कर दिया कि जूडो में भारतीय खिलाड़ी अब विश्व स्तर पर किसी से कम नहीं हैं।



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